सदर तहसील में जाति प्रमाण पत्र के 1,029 और आय प्रमाण पत्र के 944 आवेदन सत्यापन के अभाव में लंबित
महराजगंज। एसआईआर को तेजी से निपटाने के चक्कर में अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों के आवेदन को निस्तारित करने में लेखपालों की ओर से शिथिलता बरती जा रही है। जाति, आय, निवासी से लेकर खसरा लेने में लोगों को इधर-उधर चक्कर लगाना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि जरूरी आवेदनों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से कराया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) अभियान में लेखपालों की व्यस्तता बढ़ने से आम लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आय व जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन से लेकर धान बिक्री के लिए आवश्यक फार्मों के सत्यापन तक हर स्तर पर देरी हो रही है। इससे आवेदक परेशान होकर तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
सदर तहसील में एक अक्टूबर से 30 नवम्बर तक जाति प्रमाण पत्र के 15,436 और आय प्रमाण पत्र के 18,812 ऑनलाइन आवेदन सहज जन सेवा केंद्रों के माध्यम से प्राप्त हुए। इनमें से जाति प्रमाण पत्र के 1,193 और आय प्रमाण पत्र के 921 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत कर दिए गए। वहीं जाति प्रमाण पत्र के 14,407 और आय प्रमाण पत्र के 17,868 आवेदनों का निस्तारण किया गया। इसके बावजूद सत्यापन न होने से बड़ी संख्या में आवेदन अटके हुए हैं। जाति प्रमाण पत्र के 1,029 और आय प्रमाण पत्र के 944 आवेदन सत्यापन के अभाव में लंबित हैं। आवेदकों का कहना है कि बिना सत्यापन के प्रमाण पत्र तैयार नहीं होंगे और इससे सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
3,235 आवेदन लेखपाल स्तर पर लंबित
महराजगंज। धान क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए सत्यापन अनिवार्य है। इस वर्ष अब तक 26,725 किसानों ने विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें से 23,490 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। लेकिन 3,235 आवेदन अभी भी लेखपाल स्तर पर लंबित पड़े हैं। सत्यापन नहीं होने से किसान धान बिक्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में सत्यापन में तेजी आएगी। अधिकतर सत्यापन हो चुका है।
तीन दिनों से तहसील का चक्कर लगा रहे
उसका गांव के किसान योगेंद्र धान बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे लेकिन पोर्टल पर उनके गाटा नंबर पर किसी दूसरे किसान का सत्यापन दर्ज हो गया। उन्होंने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें हर बार यही बताया जाता है कि लेखपाल साहब एसआईआर के काम में फंसे हुए हैं, जल्द ही सुधार कर दिया जाएगा। बैदा गांव के रामभवन ने बताया कि शनिवार को धान बिक्री के लिए आवेदन किया है। आवेदन अभी लेखपाल स्तर के सत्यापन में लंबित है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर सत्यापन नहीं होने से धान बेचने में परेशानी हो सकती है।
तीन से चार दिन के अंदर लग रही रिपोर्ट
सोमवार को निचलौल तहसील के पूर्वी गेट के बगल में संचालित एक सहज जन सेवा केन्द्र पर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र लेने पहुंचे सुरेंद्र और राजू ने बताया कि उन्होंने प्रमाण पत्र के लिए चार दिन पहले आवेदन किया था। आज रिपोर्ट लगाई गई है। जल्दी रिपोर्ट लगाने की बात कहने पर जिम्मेदार एसआईआर में ड्यूटी लगाए जाने का हवाला दे रहे थे। केंद्र संचालक आकाश ने बताया कि एसआईआर फार्म भरे जाने के पहले प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करने पर एक से दो दिन में ही रिपोर्ट लग जाती थी। लेकिन इन दिनों तीन से चार दिन लग रहे हैं। निचलौल तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि एसआईआर फॉर्म भरने के साथ ही पोर्टल पर आने वाले प्रमाण पत्रों पर भी नियत तिथि के अंदर रिपोर्ट लगा दिया जा रहा है।
वर्जन
जिले में धान बिक्री के लिए किसानों की ओर से विभागीय पोर्टल पर किए जा रहे ऑनलाइन आवेदन का समय पर सत्यापन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आय और जाति प्रमाण पत्रों के निस्तारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। सभी लेखपालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे पोर्टल पर प्राप्त होने वाली सत्यापन संबंधी रिपोर्टों का समय से निस्तारण सुनिश्चित करें।
-डॉ. प्रशांत कुमार, अपर जिलाधिकारी
लेखपालों के पोर्टल पर धान बिक्री से संबंधित जो रिपोर्ट आ रही हैं, उनका निस्तारण समय पर किया जा रहा है। आय एवं जाति प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट भी लेखपाल स्तर से समय से लगाई जा रही है।
-सूरज कुमार, जिलाध्यक्ष, लेखपाल संघ महराजगंज