घुघली। भुवनी गांव के रहले वाले केदारी सास के मरीज हैं। जब भी खानपुर गांव तक जाते हैं, तो उनका दमा तेज हो जाता है। वह बीमार पड़ जाते हैं। यहीं हाल पकड़ियार विशुनपुर के राम भुआल, युगल, खेदेरू को भी एलर्जी है। वह जब भी घर से बाहर निकल कर सड़क तक आते हैं तो उन्हें दवा करना पड़ता है। मिट्टी लदी ट्रैक्टर ट्राली के करीब से होकर गुजरने में डर लगता है।
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से सटे ईंट भट्ठों के अवैध मिट्टी खनन से गांवों के लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है। पर्यावरण को भी खतरा हो गया है। अवैध खनन कर ट्रैक्टर ट्राॅली गुजरने से धूल उड़ती है। बुजुर्ग, बच्चे, बीमार व्यक्ति उस रास्ते से आते जाते हैं, जिसे एलर्जी और अस्थमा की शिकायत रहती है, उनके लिए खतरा बन गया है। पकड़ियार विशुनपुर, खुशहाल नगर खानपुर, भुवना आदि तीन गांवों में लगभग 13 ईंट भट्ठे हैं। सभी ईंट भट्ठे आबादी करीब हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञ नरेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने बताया की मिट्टी के अवैध खनन का यही रवैया रहा तो सास, दमा व एलर्जी रोग के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती रहेगी।
सदर उप जिलाधिकारी सदर रमेश कुमार ने बताया कि ईंट भट्ठा वाले मिट्टी की रॉयल्टी जमा किए हैं, जिसको रोक नहीं सकते। रही बात अवैध मिट्टी खनन की तो पकड़ने जाने पर कार्रवाई की जाएगी।