-देवरिया जिले की घटना से सबक लेने की जरूरत, जमीन विवाद को लेकर अक्सर होती रहती मारपीट
- थाने से लेकर अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाते हैं फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। देवरिया में जमीन विवाद को लेकर छह लोगों की हत्या कर दी गई। इस घटना से जिले में पुलिस प्रशासन को सबक लेने की जरूरत है। महराजगंज जिले में भी जमीन विवाद को लेकर मारपीट होती रहती है। तमाम ऐसे मामले हैं, जिनमें मारपीट के बाद भी मामला अब तक सुलझ नहीं सका। फरियादी थाने से लेकर अधिकारियों के कार्यालय तक चक्कर लगाने को विवश हैं। उदाहरण के तौर पर कुछ घटनाएं विवादों की कहानी बयां करने के लिए काफी हैं।
बात करें पनियरा थाना क्षेत्र के कुआंचाप टोला दरघाट की। इस गांव में खलिहान की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर राजू यादव और रामभजन, रामबचन के बीच कई बार मारपीट हो चुकी है, लेकिन समय बीतने के बाद भी अधिकारियों के द्वारा निस्तारण नहीं करवाया गया है। राजू यादव ने बताया जिला मुख्यालय, तहसील व संपूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस पर अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर थक गए हैं, लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा इस प्रकरण का निराकरण नहीं करवाया गया है।
पनियरा थाना क्षेत्र के रानीपुर में रामरक्षा निषाद और ध्रुप, राममणि के बीच जमीन को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। इसको लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो चुकी है। राजस्व विभाग व पुलिस के द्वारा मामले का निस्तारण नहीं कराया गया। रामरक्षा निषाद ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसके निस्तारण के लिए उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय में एक वाद दाखिल किया। इसमें न्यायालय के आदेश पर राजस्व विभाग व पुलिस की टीम के द्वारा मेरी जमीन व विपक्षी के जमीन का पैमाइश हुई थी। इसमें राजस्व कर्मियों ने अपने देख-रेख में पिलर गड़वाया। कुछ दिनों के बाद विरोधियों ने पिलर उखाड़ कर फेंक दिए। इसको लेकर मारपीट भी हुई है, लेकिन अभी तक स्थानीय पुलिस प्रशासन व राजस्व कर्मियों द्वारा इस प्रकरण का समाधान नहीं करवाया गया है। इसके निस्तारण के लिए जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर व थानाध्यक्ष आदि सहित अन्य अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा चुका हूं।
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मामला संज्ञान में आने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। जमीन से जुडे़ मामलों को राजस्व विभाग से समन्वय बनाकर निस्तारित कराया जाता है।
-आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
केस नंबर एक
सोनौली कोतवाली क्षेत्र के हरदी डाली चौराहे पर मार्च 2023 को सोनौली पुलिस ने दो पक्षों में जमीनी विवाद का मामला देखते पाबंद कर दिया था। हरदी डाली चौराहे पर जमीन है, जिसमें श्याम गुप्ता और नंदकिशोर मिश्रा से जमीन का विवाद चल रहा है। पाबंद करने के बाद भी अभी भी जमीन का विवाद सुलझा नहीं। इसका मामला अभी दीवानी न्यायालय फरेंदा में चल रहा है।
केस नंबर दो
नौतनवां थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में मनोज कुमार और सत्यभामा के बीच दुर्गा पुर चौराहे पर घर की जमीन को लेकर विवाद है। मई 2023 से अभी तक जमीन की पैमाइश नहीं हो पाई। मनोज कुमार ने बताया कि प्रतिदिन तहसील व थाना का चक्कर काट रहा हूं, लेकिन अभी भी पुलिस बल के साथ पैमाइश नहीं हो पाई।
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सात माह पहले जमीन विवाद में मारपीट में घायल की हुई थी मौत
महराजगंज। चार मार्च को भिटौली थाना क्षेत्र में जमीन के विवाद में एक व्यक्ति ने अपने सगे भाई की पीट-पीट कर हत्या कर दी। बरियारपुर टोला बगहिया में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों में मारपीट हो गई। इस दौरान गंभीर रूप से घायल रग्घू को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृत रग्घू की पत्नी गंगोत्री ने बताया कि भूमि विवाद को लेकर उसके पति का अपने भाई नंदू गुप्ता के परिवार से विवाद हो गया था, जिसके बाद यूपी-112 पर शिकायत की गई, तो पुलिस नंदू के पुत्र बृजेश को पकड़ कर थाने ले गई थी, लेकिन बाद में छोड़ दिया। शनिवार सुबह आरोपियों ने लाठी-डंडा लेकर उनके पति रग्घू गुप्ता समेत पूरे परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में रग्घू के सिर में गंभीर चोट आई। अचेत रग्घू को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर गए, जहां कुछ देर इलाज के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पर कार्रवाई की।
भाई की मौत के बाद अकेले ही बेच दी जमीन
श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम बरवा उर्फ सियरहीभार निवासी रुखसाना की जमीन उसके जेठ द्वारा कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से धोखे से बेच दी गई। मामले में वर्ष 2016 से मुकदमा चल रहा था। 28 अगस्त 2023 को जालसाजी करने वाले निसार अहमद की न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) कोर्ट संख्या एक द्वारा जमानत निरस्त करते हुए जेल भेज दिया गया। रुखसाना ने बताया कि विवाद में जमीन हाथ से चली गई। अब तक कब्जा नहीं मिल सका।