आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों व सहायिकाओं का बाल विकास परियोजना कार्यालय पर ताला बंद कर विरोध - प्रदर्शन दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रखा।
ब्लाक अध्यक्ष छाया भारती ने कहा कि बाल विकास परियोजना कार्यालय में तालाबंदी कर धरना दिया गया।
उन्होंने कहा कि यह तालाबंदी व कलमबंद हड़ताल तब तक चलेगा जब तक सरकार मांगों को मान नहीं लेती है। 18 हजार मानदेय नहीं दिया गया तो इससे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने उपस्थित आंगनबाड़ी कर्मचारियों व सहायिकाओं से अपील की कि एकजुटता बनाए रखेें। एकजुटता से ही मांगों को सरकार से मनावाया जा सकता है।
इस दौरान ऊमा चौरसिया, कुसुमलता, राजमती, मीरा देवी, रिंकी, संगीता, माधवी, मनोरमा, परमीला, कमला, रीना, कनकलता, माया, ऊषा पांडेय, मीरा पटेल, आरती देवी, आशा देवी के अलावा तमाम आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका उपस्थित रहीं।
निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को दिन में करीब बारह बजे ब्लाक अध्यक्ष संगीता देवी व राधेश्याम मौर्या के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने परियोजना कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन करते हुये मांगों को लेकर हुंकार भरी। राज्यकर्मचारी का दर्जा सहित सुविधाएं देने तथा बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर काफी देर तक परियोजना कार्यालय पर प्रदर्शन जारी रहा।
सीडीपीओ के समझाने पर मानीं कर्मचारियों ने दफ्तर में लगा ताला खोला। इस दौरान परवेज आलम, दुर्गावती देवी, शशिकला देवी, सरोज, शारदा, साबिरा, सुमित्रा देवी व सबिता शर्मा आदि मौजूद रहीं।