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टोकन मनी अनिवार्य होने से फर्जीवाडे की आशंका हुई कम

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टोकन मनी अनिवार्य होने से फर्जीवाडे़ की आशंका हुई कम
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महराजगंज। कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन करने वाले किसानों से टोकन मनी जमा कराना अनिवार्य होते ही आवेदकों की संख्या घट गई है। इससे विभाग जहां राहत महसूस कर रहा है, वहीं फर्जीवाडे़ की आशंका भी समाप्त हो गई है। नई व्यवस्था लागू होने से प्रतीक्षा सूची भी खत्म हो गई है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किसानों को हस्तचालित कृषि यंत्रों की बजाए अनुदान पर रोटावेटर, सीड ड्रिल, कल्टीवेटर, थ्रेसर जैसे कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिससे किसान अपने अपने क्षेत्र में बेहतर कृषि कार्य कर अपनी आय बढ़ा सकें।
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किसानों को कृषि यंत्र के खरीद पर 10 हजार से 40 रुपये अनुदान दिया जा रहा है। अभी तक अनुदान का लाभ वहीं लोग लेते थे, जो विभागीय कर्मचारियों के नजदीक होते थे। इतना ही नहीं एक ही परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से आवेदन की शिकायतें भी सुनने में आई थी। ऐसे में अपात्र लोगों को भी योजना का लाभ मिलने की संभावना होती थी। लेकिन अब शासन ने पूरी योजना को आनलाइन करते हुए आवेदन के समय ही टोकन मनी अनिवार्य कर दी है। दस हजार रुपये अनुदान लेने के लिए 250 रुपये, दस हजार से अधिक और एक लाख तक अनुदान के लिए कृषि यंत्रों पर 2 हजार पांच सौ रुपये और एक लाख से ऊपर लागत के यंत्रों के लिए 5 हजार रुपये टोकन मनी जमा करनी रही है। आवेदन करने के बाद आवेदक को एक माह का समय मिलेगा। इसके बाद सामान खरीद कर कृषि विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। यह नई व्यवस्था लागू होते ही। आवेदकों की संख्या कम हो गई है। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि कृषि यंत्रों के लाभार्थियों से टोकन मनी जमा कराने का उद्देश्य आवेदक को वास्तव में कृषि यंत्र की आवश्यकता प्रकट करता है। इससे पहले जब टोकन मनी नहीं ली जाती थी तो आवेदकों की संख्या लंबी होती थी। विभाग द्वारा बुलाए जाने पर ही आवेदक नहीं आते थे। नई व्यवस्था से पारदर्शिता के साथ पात्र किसानों को बेहतर ढंग से लाभ मिलेगा।
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