महराजगंज। बिगड़े खानपान का असर सेहत पर भी पड़ रहा है। हाई बीपी और शुगर की चपेट में आने से किडनी फेल होने की समस्या बढ़ गई है। इसमें केएमसी मेडिकल काॅलेज की डायलिसिस यूनिट में आने वाले युवा भी शामिल हैं, जिनका डायलिसिस हो रहा है। 20 से 35 साल उम्र के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों रोजाना 40 मरीजों की डायलिसिस हो रही है। इनमें पांच युवा हैं।
किडनी खराब होने से एरिथ्रोपोइटिन हार्मोन बनना कम हो जाता है। इससे हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता और किडनी फेल होने की संभावना बढ़ जाती है। एल्डोस्टेरोन हार्मोन को किडनी नियंत्रित करती है। अगर किडनी खराब होनी शुरू हो जाएगी तो एल्डोस्टेरोन हार्मोन अनियंत्रित हो जाता है। इससे व्यक्ति का ब्लडप्रेशर बढ़ने लगता है, जिससे किडनी फेल हो जाती है।
किडनी विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार ने बताया कि खराब खानपान और सामान्य बीमारी होने पर अच्छे डॉक्टर से परामर्श न लेने के कारण किडनी की बीमारी पांव पसार रही है। पूरा पोषण न मिलने से किडनी में समस्या हो जाती है। ऐसे में हर वर्ग के लोगों को खासतौर पर युवाओं को खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पोषण युक्त खानपान ही करना चाहिए।
जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में रोजाना 40 मरीजों की डायलिसिस हो रही है। इनमें करीब पांच मरीज 35 साल तक के हैं। डायलिसिस करके मरीज के अंदर से अशुद्ध पदार्थों को बाहर निकाला जाता है और ब्लड को मशीन से साफ कर वापस शरीर में भेजा जाता है।
किडनी खराब होने के लक्षण
- जल्दी थकावट महसूस करना
- पेशाब झागदार होना या खून आना
- हाथ पैर पर सूजन आना
- आंखों के नीचे सूजन आना
- भूख और प्यास में कमी आना
- उल्टी आना
किडनी को ऐसे बचाएं
- रक्तचाप पर नियंत्रण रखें
- नियमित व्यायाम करें
- दर्द निवारक गोलियों का ज्यादा सेवन न करें
- शुगर को नियंत्रित रखें
- चिकित्सक से परामर्श लेकर दवाएं लें