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Maharajganj News: खसरा के लिए लगा रहे तहसील का चक्कर, ऑनलाइन के बाद दूर होगी समस्या

Mon, 05 Feb 2024 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। जिले के पांच लाख किसानों को जल्द राहत मिलने वाली है। खसरा के लिए उनको तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। आने वाले दिनों में ऑनलाइन घर बैठे खसरा मिल सकेगा। वर्तमान में लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। इसे ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले के 882 गांव के खेतों का सर्वे होना है, लेकिन अभी तक दस प्रतिशत ही हो सका है। कोई दो दिन से लेखपाल को खोज रहा है तो कोई चार दिन से तहसील का चक्कर लगा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, एग्री स्टैक परियोजना के तहत कृषि विभाग व किसान दोनों उच्च तकनीक से जोड़े जा रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से अब फसलाें का ऑनलाइन सर्वे कराया जाएगा। खेत में बोई गई फसलों का क्षेत्रफल, फसल आच्छादन आदि विवरण व फोटो एप पर अपलोड की जा रही है। ऑनलाइन सर्वे के लिए विभाग की ओर से ई-पड़ताल मोबाइल एप लांच किया गया है। सर्वे में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ ही लेखपालों की मदद ली जा रही है।
882 गांवों का डिजिटल सर्वे शुरू
प्रत्येक वर्ष जिले में कृषि योग्य भूमि पर कौन सी फसल उगी है, कितनी जमीन खाली है, इसका सर्वे किया जाता है। इसी सर्वे के आधार पर खसरा-खतौनी डाटा तैयार किया जाता है। इस साल यह सर्वे मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन किया जा रहा है। एग्रीस्टैक (डिजिटल क्राॅप सर्वे योजना) के तहत ऑनलाइन ई-क्रॉप सर्वे किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के 882 गांवों में डिजिटल सर्वे शुरू है। टीम मेें लेखपाल, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक, ब्लाॅक तकनीकी प्रबंधक व सहायक तकनीकी प्रबंधक शामिल हैं। इसके साथ ही राजस्व निरीक्षकों को सुपरवाइजर व नायब तहसीलदार को सत्यापन कर्ता बनाया गया है। ये फसलों, परती जमीन व नान एग्रीकल्चर भूमि आदि का डाटा एकत्र करेंगे।
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लाभार्थियों की पहचान व प्रमाणीकरण में भी मदद मिलेगी
ऑनलाइन सर्वे होने से फसलों के आच्छादन से संबंधित शुद्ध डाटा प्राप्त होगा। इससे योजनाओं का नियोजन, लाभार्थियों का सत्यापन व कृषि उत्पादों के विपणन आदि में सहूलियत होगी। कृषि संबंधित संचालित योजनाओं का लाभ सुगम व पारदर्शी तरीके से किसानों को मिल सकेगा। साथ ही लाभार्थियों की पहचान व प्रमाणीकरण में भी मदद मिलेगी। फसल कैसी है, कमजोर है तो क्यों है। जिसका संज्ञान लेकर शासन योजनाएं बना सकता है। वहीं, जिओ टैग के जरिए व्यापारी भी जिले की फसलों के बारे में जान सकेंगे।
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सर्वे से किसानों को यह होगा लाभ
-सर्वे से विभिन्न योजनाओं का किसानों को लाभ मिलेगा।
-बैंक की ओर से फसली ऋण का सत्यापन किया जा सकेगा।
-फसल बीमा प्रस्ताव का सत्यापन हो सकेगा।
-न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद की खरीद, सूखे, अतिवृष्टि के दौरान फसल नुकसान होने पर राहत अनुदान का वितरण।
-सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान सहित किसानों के संस्थागत खरीदारों से जोड़ने के अवसर के साथ ही लक्षित फसल सलाह भी प्रदान की जाएगी।
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