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Maharajganj News: गोरखा से गोरखनाथ मंदिर भेजी गई खिचड़ी, 20 वर्षों से बंद थी यह परंपरा

Sun, 14 Jan 2024 08:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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सोनौली। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में करीब 20 साल से बंद खिचड़ी भेजने की परंपरा इस साल से फिर शुरू की गई है। रविवार सुबह नेपाल के गोरखा से भारत के गोरखपुर स्थित गोरक्षनाथ मंदिर के लिए खिचड़ी भेजी गई। गोरखनाथ मंदिर में चढ़ाने के लिए गोरखा से गोरखपुर तक 'खिचड़ी' के साथ यात्रा शुरू की गई है।
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गोरखा नगर पालिका-9 के निवासी और गोरखा के गोरखनाथ आश्रम के अध्यक्ष होमसिं बस्न्यातल ने बताया कि सोमवार से गोरखपुर में शुरू होने वाली 'खिचड़ी' यात्रा से पहले गोरखा से आई खिचड़ी चढ़ाने की सदियों पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा कि हमने तांत्रिक विधि से पूजा करने के बाद गोरखा के गोरखनाथ से खिचड़ी के साथ यात्रा शुरू की है। रविवार की सुबह गोरखा से पंचेबाजा के साथ खिचड़ी लेकर गोरखपुर की यात्रा शुरू हुई। यह भी पता चला कि यह परंपरा 17वीं शताब्दी से शुरू हुई थी। राजमहल से खिचड़ी भेजने का रिवाज था। कुछ सालों में इसे बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह एक धार्मिक परंपरा है, अब हम इसे जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि इस परंपरा के जारी रहने से गोरखपुर और गोरखा नगर पालिका के बीच मजबूत संबंध स्थापित होगा। हमें विश्वास है कि हम सांस्कृतिक और पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। मकर संक्रांति के दिन ब्रह्ममुहूर्त में खिचड़ी चढ़ाकर प्रसाद के रूप में खिचड़ी बांटने की भी परंपरा है। बताया जा रहा है नेपाल में मावोवादी काल के दौरान इस परंपरा को बंद कर दिया गया था, जो इस वर्ष से पुनः शुरू किया गया है।
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