पाकिस्तानी नागरिक जावेद को बीते 22 अक्तूबर को नेपाल से भारत में प्रवेश करते सोनौली बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास भारत में आने के लिए वीजा नहीं था। सोनौली पुलिस ने उसे विदेशी अधिनियम के तहत जेल भेजा था। इसके बाद पांच दिन के लिए रिमांड पर लिया गया था।
इस दौरान रॉ, आईबी समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की थी। जावेद के अधिवक्ता एटी पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को जावेद को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां पेेश होना था। जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उसे कोर्ट में पेश नहीं किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसकी बात सुनी। मामले के विवेचक ने कोर्ट में केस डायरी पेश करने के लिए 14 दिन का समय मांगा है। खुफिया जांच की रिपोर्ट भी अभी तक कोर्ट को नहीं मिला है।
इसके पहले छह नवंबर को जावेद को कोर्ट में पेश किया गया था।
जेल अधीक्षक अनिल कुमार राय का कहना है कि चुनाव में फोर्स की ड्यूटी लगने के कारण सभी बंदियों की सुनवाई जेल में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई जा रही है। इसी क्रम में जावेद की भी सुनवाई हुई है।