मनरेगा के सहारे बाढ़ से बचाव की कवायद कर रहा सिंचाई विभाग
महराजगंज। रोहिन नदी पर मनरेगा से कटाव निरोधक कार्य कराने की दिशा में पहल प्रारंभ की गई है। नदी एवं बंधों पर चिन्हित किए गए सात कार्यों पर मनरेगा से लगभग एक करोड़ 70 लाख रुपये व्यय करने के लिए सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव जिम्मेदारों को भेजा है। जिले की सीमा में वैसे तो कुल पांच नदियां गुजरती हैं, लेकिन रोहिन व राप्ती ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। प्रति वर्ष इन नदियों में एवं उसके तटबंधों पर बाढ़ से बचाव के दृष्टिगत कार्य किया जाता है। हालांकि पनियरा, सदर व लक्ष्मीपुर से गुजरने वाली रोहिन नदी की स्थिति अत्यंत जर्जर है। इस बार भी तीन सप्ताह बाद मानसून आने की स्थिति को देखते हुए जिम्मेदारों की ओर से कवायद शुरु की गई है। अधिकांश कार्यों को सिंचाई विभाग अपने स्तर से करा रहा है जबकि कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें मनरेगा से कराए जाने की पहल की जा रही है। उद्देश्य है कि इस कार्य से जहां स्थानीय श्रमिकों को रोजगार प्राप्त होगा, वहीं समय से कार्य को पूरा कराते हुए बचाव संबंधी तैयारियों को भी पुख्ता किया जा सकेगा।
----------------------------------
इन सात स्थलों पर कराए जाने हैं कार्य
- 24.85 लाख की लागत से जर्दी-डोमरा बांध पर 150 मीटर में नायलान क्रेट लगाने व बचाव संबंधी कार्य
- 21.19 लाख की लागत से जर्दी-डोमरा बांध पर 250 मीटर में नायलान क्रेट लगाने व बचाव संबंधी कार्य
- 21.17 लाख की लागत से अमहवा-रिंग बांध पर 145 मीटर में बचाव संबंधी कार्य
- 21.29 लाख की लागत से अमहवा-रिंग बांध पर 150 मीटर में बचाव संबंधी कार्य
- 19.51 लाख की लागत से तीन किलोमीटर अमहवा ड्रेन की क्षमतावृद्धि का कार्य
- 62.82 लाख की लागत से कोइलाडाड़ के पास दो स्थलों पर बचाव संबंधी कार्य
----------------------------------------
मनरेगा के तहत सात स्थलों पर बाढ़ से बचाव के दृष्टिगत कार्य कराए जाने की दिशा में प्रस्ताव भेजा गया है।
राजीव कपिल, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
---------------------------------------
बाढ़ से बचाव के दृष्टिगत सिंचाई विभाग की ओर से सात कार्यों को कराए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
अनिल चौधरी, उपायुक्त श्रम रोजगार