महराजगंज/परतावल। सरकारी राशन की कालाबाजारी के गंभीर मामले में परतावल ब्लाॅक के ग्राम सभा कुसुम्हा के कोटेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ग्राम प्रधान की शिकायत पर विभागीय जांच में भारी अनियमितताएं पाई गईं। पूर्ति निरीक्षक बृजेश कुमार पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी गई तहरीर में पूर्ति निरीक्षक बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायत कुसुम्हा के ग्राम प्रधान की शिकायत के आधार पर ग्राम पंचायत कुसम्हा कोटेदार धर्मेंद्र की राशन की दुकान की जांच की गई। जांच में अनियमितता मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। विक्रेता के स्पष्टीकरण का परीक्षण क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी द्वितीय से कराया गया। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी खाद्य क्षेत्र द्वितीय ने जांच कर आख्या दी।
इस क्रम में कोटेदार की दुकान को निलंबित करते हुए ग्राम पंचायत भरगांवा उर्फ लक्ष्मीपुर के कोटेदार केदार यादव से संबद्ध कर दिया गया। निलंबित विक्रेता को समस्त योजताओं का स्टॉक, गोदाम में अवशेष, ई-पॉस मशीन, ई-वेईंग मशीन और अन्य आवश्यक उपकरण हस्तगत करने के लिए कहा गया, लेकिन निलंबित विक्रेता ने ऐसा नहीं किया।
इसके बाद उक्त दुकान काे ग्राम पंचायत बसवार कोटेदार सविता देवी की दुकान से संबद्ध किया गया।
निलंबित उचित दर विक्रेता को निर्देशित किया गया कि संबद्ध विक्रेता को आवश्यक उपकरण हस्तगत करना सुनिश्चित करें, लेकिन निलंबित कोटेदार ने 16.50 क्विंटल चावल और 11.50 क्विंटल गेहूं दिया, जबकि अवशेष राशन 37.89 क्विंटल चावल व 28.14 क्विंटल गेहूं नहीं दिया। इसके बाद दुकान के स्टाॅक में उपलब्ध राशन का भौतिक सत्यापन कराया गया, लेकिन वहां कोई भी खाद्यान्न उपलब्ध नहीं था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निलंबित कोटेदार धर्मेंद्र ने अवशेष राशन की कालाबाजारी की है। इसको देखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तहरीर दी। थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर कोटेदार धर्मेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।