महराजगंज। जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव लक्ष्य का आधा भी नहीं कराया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक अप्रैल से 30 जून तक शासन ने 10,108 संस्थागत प्रसव का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन केवल 4,779 प्रसव ही अस्पतालों में हो सके हैं।
जानकारी के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के तहत अब तक 4,779 महिलाओं में से 4,020 के बैंक खातों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है। जबकि 759 लाभार्थियों को अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में महिलाएं घर पर ही प्रसव करवाने को प्राथमिकता देती हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि जिन लाभार्थियों को अब तक भुगतान नहीं हुआ है, उनके मामलों की समीक्षा कर जल्द निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संवाद