महराजगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कमलेश्वर पांडेय ने राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह, गोरखपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। बालकों से उनकी देखरेख, खानपान और संप्रेक्षण गृह में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। संप्रेक्षण गृह में रहने वाले बालकों ने बताया कि उनके पास मुकदमे की पैरवी करने वाले व्यक्तिगत अधिवक्ता नियुक्त हैं। वर्तमान में किसी भी बालकों को विधिक सहायता के लिए निशुल्क अधिवक्ता की जरूरत नहीं है। प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड बलवंत भारती ने व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। संवाद