महराजगंज। कोतवाली क्षेत्र के बड़हरा खास गांव की आसमा अब सदा के लिए ओझल हो गई। वह पढ़ने में तेज थी। हंसमुख स्वभाव होने के कारण वह जल्दी हर किसी से घुल मिल जाती थी। खेलकर आई तो किसी को कुछ नहीं बोली। सीधे कमरे में जाकर फंदे से झूल गई। बालिका की मौत को लेकर परिजन गमगीन हैं।
बालिका की मां जेबुन निशा घर पर रहती हैं। रो रोकर उनका बुरा हो गया है। उन्होंने बताया कि बेटी बाहर खेल रही थी। घर में आई तो किसी को कुछ बताई नहीं। कुछ देर तक उसकी आवाज नहीं सुनी तो बुलाते हुए कमरे की ओर गई। कई बार बुलाने पर आवाज नहीं आई तो खिड़की से देखने पर फंदे से लटकी हुई मिली। खेलने के दौरान न जाने क्या हुआ, कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
वह पढ़ने में ठीक थी। कोई भी बात कहने पर तुरंत सुनती थी। आसमा के तीन भाई हैं। सबसे बड़े का नाम जबीउल्लाह है। वशीउल्लाह फिर आसमा सबसे छोटा अमानु है। आसमा कक्षा तीन में पढ़ती थी। उसके पिता फैसल कुवैत में रहकर काम करते हैं। वह 25 मार्च को कुवैत गए हैं। आसमा का बड़ा भाई जबीउल्लाह ने बताया कि बहन सभी से मिलजुलकर रहती थी।
उसकी बातों को याद करते हुए वह फफक पड़े। परिवार के अन्य सदस्य भी इस घटना से बेहद आहत हैं। उसके बाबा निजामुद्दीन और चाचा अजमल ने बताया कि वह बाहर खेलने जा रही थी तो बोली अभी थोड़ी देर में आ जाउंगी। एक घंटे के अंदर ऐसी घटना हो गई। वह आज्ञाकारी बेटी थी।