शीशे और इंडिकेटर का तीस हजार मिलने पर छोड़ा गया, चालक ने सोनौली ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नेपाल में भारतीय ट्रक चालकों का उत्पीड़न जारी है। एक भारतीय ट्रक के नेपाली गाड़ी की टक्कर में तीन दिनों तक भारतीय ट्रक चालक को कब्जे में लेकर बंधक बनाए रखा गया और इंडिकेटर और शीशे को बनवाने के नाम पर तीस हजार रुपये ले लिए। जिसकी शिकायत चालक ने सोनौली ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से की।
एक खाली ट्रक नेपाल की एक सीमेंट फैक्ट्री में सीमेंट लोड करने गया था। गाड़ी आगे-पीछे करने के दौरान एक नेपाली गाड़ी से उसकी टक्कर हो गई। नेपाली चालक ने उक्त भारतीय गाड़ी को अपने साथियों के साथ बेलहिया भंसार के बाहर रोक लिया और 50 हजार भारतीय मुद्रा की मांग शुरू कर दी। चालक के नहीं देने पर नेपाली चालक ने अपने साथियों के साथ ट्रक चालक को को बंधक बना लिया। जिसकी सूचना चालक ने अपने गाड़ी मालिक व एजेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सोनौली को दी। जिसके बाद काफी बातचीत के बाद एक साइड शीशे और इंडिकेटर के बदले तीस हजार रुपये नेपाली चालक ने ले लिए।
भारतीय ट्रक चालक सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि साइड शीशा, इंडिकेटर, टूट जाने से मेरे अलावा ट्रक को तीन दिनों से नेपाल पुलिस चौकी बेलहिया और नेपाल ट्रक समिति बंधक बना कर रख रहे। शनिवार शाम को तीस हजार रुपये देने के बाद भारत में आने दिया गया।
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ट्रक चालक के साथ अन्याय हुआ है। एक से दो हजार कीमत के समान के लिए नेपाली संघ ने जबरिया तीस हजार ले लिए। चालक नेपाल जाने से डरते हैं। इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
रतन गुप्ता, अध्यक्ष, एजेंट एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
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