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ऑक्सीजन बढ़ाने वाले पौधों की बढ़ी मांग

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ऑक्सीजन बढ़ाने वाले पौधों की बढ़ी मांग
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महराजगंज। वैश्विक महामारी की दूसरी लहर में कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन संबंधी समस्याओं को देखते हुए लोगों में जागरूकता काफी बढ़ गई है। लोग घर के दरवाजे एवं घरों के आसपास ज्यादा ऑक्सीजन बढ़ाने वाले पौधे लगा रहे हैं। इन पौधों की मांग इन दिनों करीब 70 फीसदी बढ़ गई है। लोगों का मानना है कि इनडोर प्लांट में कभी लोगों को रंग-बिरंगे फूल वाले पौधे खूब पसंद आते थे, लेकिन वर्तमान में जरूरत के अनुसार पौधे भी बदलने लगे हैं।
निचलौल नगर के नीतीश गुप्ता, अविनाश, जाकिर हुसैन, प्रहलाद का कहना है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी के साथ फैल रहा था। अस्पताल में भर्ती होने वाले कोविड मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। बढ़ती दुश्वारियों के प्रति लोग ज्यादा सचेत होते नजर आ रहे हैं। पौध के कारोबारियों से पौध लगाने तथा उसे सुरक्षित रखने के लिए उपाय पूछे जा रहे हैं।
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बैदाली गांव के पौधा कारोबारी सोनू कुशवाहा के मुताबिक कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन उगलने वाले पौधों की मांग 70 फीसदी तक बढ़ गई है। ऑक्सीजन देने वाले पौधों के रूप में नीम, पीपल, बरगद, पाकड़, गुलर आदि हैं। इसके अलावा घरों एवं बेडरूम में मनी प्लांट पीस लिली, सिफोटिया पाम, स्पाइडर, एरिका प्लांट सहित अन्य कई पौधे 50 से 150 रुपये तक बिक रहे हैं। तुलसी भी ऑक्सीजन देती है, लेकिन वह इनडोर प्लांट नहीं है। पौधशाला में पीपल और नीम का एक- एक हजार पौधे तैयार किए थे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में पीपल के सभी पौधे बिक गए। नीम के 50 पौधे बचे हैं।
ऐसे किया जाता है पौधरोपण
परी पौधशाला के संचालक दीनानाथ मौर्य ने कहा कि मानसून सीजन से करीब 40 से 45 दिन पहले ही तीन फीट गहरा और तीन चौड़ा गड्ढा बनाना चाहिए। उसके बाद मिट्टी में गोबर की खाद के साथ दीमक नाशक दवा मिलाकर गड्ढे को भर देना चाहिए। फिर उसमें पानी भर दें। गड्ढे में मिट्टी जम जाएगी, क्योंकि गड्ढे में पौध लगाने से पहले खाद सड़कर पोषक तत्वों में तब्दील हो जा जाती है। फिर उसके बाद पौधे लगाएं। इतना ही नहीं पौधरोपण के बाद पौधे की देखभाल करने के साथ ही उसमें समय से खाद-पानी डालते रहें।
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बदलते परिस्थिति के अनुरूप नीम,पीपल एवं बरगद, पाकड़,गुलर के पौधों पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है। क्योंकि यह पौधे अधिक मात्रा में ऑक्सीजन देते हैं। यह पौधे पर्यावरण की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। वही मनी प्लांट,एरिका प्लांट,सिफोटिया सहित अन्य तमाम पौधे भी हैं।
पौवनेश कुशवाहा, प्रवक्ता, राजेंद्र प्रसाद तारा चंद्र पीजी कालेज निचलौल
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