महराजगंज। मौसम बदल रहा है। इससे गले में खराश के साथ बुखार हो रहा है। नियमित दवा का सेवन करने पर ठीक होने में एक सप्ताह से अधिक का समय लग जा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना खराश और बुखार से पीड़ित 25 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं।
सावन के महीने में गर्मी व उमस अधिक हो रही है। हल्की बारिश व बूंदाबांदी के बाद धूप निकल जा रही है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 900 मरीज आए। इनमें ज्यादातर लोग खांसी, वायरल बुखार और गले में खराश के रहे। डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से बुखार, गले में खराश व नजला होने के मरीज बढ़े हैं।
बारिश ठीक से नहीं होने के कारण गर्मी और उमस बढ़ने से पसीना आने से चिपचिपाहट बन रही है। इससे नजला, खांसी और बुखार के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मोहनापुर निवासी योगेंद्र ने बताया कि चार दिन से बुखार आ रहा है। पहले गले में दर्द हुआ था। इसके बाद खांसी हो रही है। अस्पताल में डाॅक्टर को दिखाकर दवा ली है।
अस्पताल में दवाएं पर्याप्त हैं। सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। वायरल फीवर व गले में खराब के मरीज अधिक आ रहे हैं।
-डॉ. एपी भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
बचाव
-गर्मी व पसीने में हो तो कुछ देर बाद पानी पीएं।
-धूप व गर्मी से बचाव के लिए सिर पर कपड़ा या टोपी लगाएं।
-साफ-सफाई का ध्यान रखें।
-चिकित्सक की सलाह से दवा लें।
-ज्यादा ठंडा पानी या शीतल पेय न पीएं।
-बासी भोजन का सेवन न करें।
-ताजा और हल्का सुपाच्य भोजन करें।