11 दिनों में करीब 8 रुपये तक बढ़ गए हैं डीजल व पेट्रोल के दाम
कंपनियों ने उत्पादों के दाम बढ़ाए या कम कर दी मात्रा
40 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी मिल रही है 44 रुपये में
महराजगंज। पिछले 11 दिनों में डीजल और पेट्रोल के दाम में करीब 8 रुपये तक की बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों के किचन तक पहुंच गया है। ईंधन के दाम बढ़ने से दुकान तक उत्पाद को पहुंचाने की लागत बढ़ गई है। इस वजह से कंपनियों दैनिक उपयोग की लगभग सभी वस्तुओं के दाम या तो बढ़ा दिए हैं या उनकी मात्रा कम कर दी है।
महंगाई की मार अब हर व्यक्ति की जेब कतरने को तैयार है। ईंधन और कॉमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से चाय, चीनी, दूध जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। साथ ही चाय की पत्ती, नहाने के साबुन सहित कई उत्पादों का वजन कम कर दिया है। यह बढ़ोतरी तब है जबकि ट्रांसपोटर्स ने अभी माल भाड़ा नहीं बढ़ाया है। वह अभी ऊहापोह में हैं। लेकिन ट्रांसपोटर्स का कहना है कि ईंधन के दाम बढ़ने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वह एक जून से 10 प्रतिशत किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। यदि किराया बढ़ता है तो एक बार फिर सभी सामान के दाम बढ़ना तय है।
सुबह की चाय से लेकर मच्छर अगरबत्ती तक महंगी
महंगाई का चाबुक लोगों पर सुबह के चाय की प्याली से ही पड़ रही है। 40 रुपये किलो फुटकर बिकने वाली चीनी का दाम चार रुपये प्रति किलो बढ़ गया है। पराग, अमूल व ज्ञान दूध का 500 एमएल पैक 35 की जगह अब 37 रुपये में मिल रहे हैं। किसी भी कंपनी ने चायपत्ती पैक का रेट तो नहीं बढ़ाया है लेकिन वजन कम कर दिया है।
250 ग्राम के पैकेट में 230 ग्राम चायपत्ती ही मिल रही है और 100 ग्राम नहाने के साबुन का वजन 90 ग्राम कर दिया गया है। इसके अलावा एक किलो सर्फ 70 की जगह 78 रुपये, अरहर की दाल 105 से 115 रुपये में बिक रहे हैं। सरसों का तेल 15 रुपये, रिफाइंड 20 से 25 रुपये प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। किराना व्यापारी धीरेंद्र निगम ने बताया कि थोक विक्रेताओं ने दाम बढ़ा दिए हैं। इस वजह से उत्पादों के दाम बढ़े हैं। पहले 50 किलो चीनी की बोरी 2100 रुपये में मिलती थी अब यह 2230 रुपये में मिल रही है।
10 फीसदी तक किराया बढ़ाएंगे ट्रांसपोर्टर
ट्रांसपोर्ट कारोबारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 10 दिन में 3 बार डीजल का दाम बढ़ाया जा चुका है। इसकी वजह से गोरखपुर व महराजगंज के बीच एक चक्कर में 600 रुपये का नुकसान हो रहा है। पहले एक पिकअप की लागत 1600 रुपये पड़ रही थी लेकिन अब 2200 पड़ रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबार घाटे में है ऐसे में किराए में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी करनी होगी। 31 मई तक अभी डीजल मूल्य वृद्धि पर नजर रखी जा रही है। अगर डीजल और महंगा होता है तो एक जून से किराए में 10 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी की जाएगी।
बार-बार नहीं बढ़ा सकते किराया
जनपद के ट्रांसपोर्ट कारोबारी नीरज साहनी ने बताया कि अब तक के डीजल रेट बढ़ोतरी के सापेक्ष 10 फीसदी माल भाड़ा बढ़ना तय है। लखनऊ से आने वाली एक पिकअप की लागत 14,000 रुपये की जगह 17,000 रुपये हो चुकी है। संगठन 10 फीसदी बढ़ोतरी तो तत्काल प्रभावी कर सकता है। लेकिन अगर डीजल का दाम फिर बढ़ता तो ट्रांसपोटर्स बार-बार बढ़ोतरी तो कर नहीं सकते इसलिए दो से चार दिन नुकसान उठाना बेहतर मान रहे हैं। एक ही बार में किराया बढ़ाया जाएगा।