ड्राई आई सिंड्रोम का प्रभाव बढ़ा, 24 रोगी जिला अस्पताल पहुंचे
रिपोर्ट के मुताबिक दिया गया ओपीडी में परामर्श
637 रोगियों का बुधवार जिला अस्पताल में किया गया उपचार
महराजगंज। शुष्क मौसम में नमी की घटी मात्रा ड्राई आई सिंड्रोम को बढ़ा रही है। इससे प्रभावित होकर आंख में लाली, चुभन व खुजली जैसी समस्या उत्पन्न हो रही। बुधवार को इस समस्या से प्रभावित 24 रोगी जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। रोगियों को जांच रिपोर्ट के मुताबिक दवाओं के साथ एहतियात का परामर्श दिया गया।
बुधवार 637 रोगियों का उपचार जिला अस्पताल में हुआ। सर्वाधिक रोगी सर्दी, जुकाम, बुखार व त्वचा रोग के रहे। नए रोगियों में ड्राई आई सिंड्रोम के रहे। इसमें आंख में लाली होने के साथ पानी निकलने, चुभन व खुजली जैसी समस्या लेकर पहुंऐ। आंख के पीड़ितों की जांच नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनीष निगम ने जांच रिपोर्ट के मुताबिक आई ड्रॉप का परामर्श दिया। साथ ही बचाव के उपाय भी लोगों को बताया। उन्होंने बताया कि लगातार शुष्क मौसम के कारण आंखों में सूखेपन की समस्या उत्पन्न हो रही है। यह समस्या लगातार स्क्रीन पर काम करने वालों को हो रही है।
ड्राई आई सिंड्रोम आंखों की खुजली से शुरू हो रहा है। इसके बाद आंख में जलन व लालिमा बढ़ती है। अगर इस बीच आंख सर्द हवा के संपर्क में आती है तो समस्या अधिक बढ़ जाती है और पीड़ित आंखों को देर तक खोलकर रखने में भी असमर्थ हो जाते हैं। इससे बचाव का एक ही तरीका है कि आंखों में नमी बनाए रखने का इंतजाम करें। देर तक डिजिटल स्क्रीन जैसे मोबाइल, टीवी, लैपटॉप के सामने न रहें। समस्या होने पर बिना सलाह लिए कतई कोई आई ड्रॉप न उपयोग करें। आंख की एक ही समस्या दो लोगों में अलग-अलग तरीके की होती है। इसे सिर्फ चिकित्सक ही पहचान सकते हैं। ऐसे में बिना जांच के किसी प्रकार ड्रॉप इत्यादि उपयोग करने से बचें अन्यथा समस्या बढ़ सकती है।
ऐसे करें बचाव-
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- डिजिटल स्क्रीन के लगातार संपर्क में हों तो एक से दो घंटे के अंतराल पर पांच मिनट का ब्रेक लें।
- आंखों में जलन या खुजली व चुभन महसूस होने पर ठंडे पानी के छींटे डालें।
- आंखों में नमी पर्याप्त बनी रहे इसके लिए 15 दिन में एक बार गुलाबजल की कुछ बूंद जरूर डालें।
- बिना किसी चिकित्सक परामर्श के कोई भी आई ड्रॉप न उपयोग करें।