वहां उन्होंने देखा कि रामउग्रह नामक व्यक्ति, जो स्वयं भी रिक्शा चालक है। शराब के नशे में भकोल शर्मा नामक दिव्यांग रिक्शा चालक के साथ मारपीट कर रहा था। पुलिसकर्मी ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को अलग करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी रामउग्रह पुलिस से ही उलझ गया और दुर्व्यवहार करने लगा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इसके बाद पीड़ित भकोल शर्मा की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने मामले को गंभीरता से लिया और अशोभनीय व्यवहार पाए जाने पर हेड कांस्टेबल विनय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा की कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ ही आचरण की मर्यादा का पालन भी उतना ही आवश्यक है। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अभद्र व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।