ट्रक की चपेट से बोलरो में सवार दंपती की मौत,12 यात्री घायल
नौतनवां से गोरखपुर जाते समय फरेंदा बाईपास पर हुआ हादसा
सूचना पर पहुंची पुलिस, चालक ट्रक समेत मौके से भाग निकला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। नौतनवां से गोरखपुर से जा रही यात्रियों से भरी बोलरो रात में 12 बजे के करीब फरेंदा बाईपास पर ट्रक से टकरा गई। इसमें बोलेरो में सवार दंपती की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल भेजा। जहां गंभीर हालत देखते हुए सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
नौतनवां थाना के मधुवन नगर वार्ड के राकेश (55) व पत्नी शीला (50), बच्चे आंचल (4) और अंबरीश (15), नेपाल निवासी जितेंद्र (23), मजीद अली नौतनवां, चैती (28) नौतनवां, शर्मिला (21) नौतनवां, सरस्वती (22) निवासी नेपाल, प्रमिला (18) नेपाल, आरूही (3) नौतनवां, प्रेम शीला (27) नौतनवां, सुरेंद्र (16) नौतनवां व इमरान (18) निवासी नौतनवां सोमवार की रात करीब 11 बजे बोलरो पर सवार होकर नौतनवां से गोरखपुर जा रहे थेे। बोलेरो अभी फरेंदा दक्षिणी बाईपास के कुछ दूर आगे पहुंची थी कि घने कोहरे के कारण सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इसमें बोलरो में सवार सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस व पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी पहुंचाया। जहां पर चिकित्सकों ने राकेश व उनकी पत्नी शीला को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल 12 यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया। चालक ट्रक समेत अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। इस संबंध में इंस्पेक्टर गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
संकेतांक के अभाव में हो रहीं दुर्घटनाएं
फरेंदा। घने कोहरे व राजमार्ग पर संकेतांकों के अभाव में आएदिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। सड़क के बीच व किनारे लगी सफेद पट्टी जगह-जगह टूट गई है। इससे कोहरे के कारण सही जानकारी न मिल पाने के कारण दुर्घटना हो जाती है। राजमार्ग के किनारे लगे हुए बोर्ड भी खराब हो चुके हैं। विभागीय अधिकारी जानकारी होने के बाद भी कोई सार्थक पहल नहीं करते।
बोलेरो में सवार रहे 14 यात्री व एक चालक
फरेंदा। चार पहिया वाहन बोलरो में छह यात्रियों के लिए आराम से बैठने की जगह होती है। लेकिन वाहन चालक मानक को ताख पर रखकर यात्रियों को भरकर फर्राटा भरते रहते हैं। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती। बोलरो में यात्रियों की मानक संख्या से दोगुना यात्री ड्राइवर समेत 15 लोग थे।