शहर से लेकर ठूठीबारी कस्बे तक हाई वे निर्माण में तेजी, शहर में सुरक्षा मानक का नहीं रखा जा रहा ध्यान
दुकानों के सामने गड्ढे होने से हो रही असुविधा, व्यापार हो रहा प्रभावित
महराजगंज। शहर से लेकर ठूठीबारी कस्बे तक हाईवे निर्माण परियोजना के तहत नाला खोदाई की जा रही है। निर्माण की सुस्त गति के अलावा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। कहीं गड्ढे खुले पड़े हैं तो कहीं पर सड़क किनारे ही मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। इस वजह से राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। गड्ढों के कारण दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। गड्ढे को पार करने के लिए दुकानदारों ने पटरी रखकर जो रास्ता तैयार किया है, उस पर जरा सी चूक पर हादसा होना तय है।
सोमवार को शहर में दोपहर 12 बजे से सक्सेना चौक से कॉलेज रोड पर आगे जाने के बाद दुश्वारियों का बयां करने वाली तस्वीर दिखी। सड़क किनारे कई जगहों पर खोदाई की गई थी, खुले गड्ढे और बिखरे पड़ी मिट्टी के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। अकसर जाम लग जा रहा है। यही नहीं निर्माण कार्य स्थल की घेराबंदी, साइन बोर्ड और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है। इस वजह से राहगीरों व दुकानदारों को असुविधा हो रही थी।
दुकानदारों ने बताया कि विकास हो रहा है तो थोड़ी समस्या जरूरी होगी लेकिन काम कराने के दौरान सुरक्षा मानक का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। नाले के लिए खोदाई कर दी गई है लेकिन निर्माण कार्य की गति सुस्त है। सड़क किनारे लोक निर्माण विभाग कार्यालय के करीब आधे सड़क से ही आवागमन हो रहा है। इससे दिन में हमेशा जाम लग जा रहा है। मिट्टी का ढेर किनारे पड़ा है। गनीमत है कि नाले के ऊपर स्लैब की ढलाई हो चुकी है।
यहां से आगे जाने के बाद स्टेशन के पास नरेंद्र वर्मा मिले। उन्होंने बताया कि नाला खोदाई का कार्य हो रहा है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है लेकिन इसे तो बर्दाश्त करना ही पड़ेगा। कुछ दिन की समस्या है। जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के करीब पहुंचने पर सड़क के एक किनारे नाले की खोदाई की गई थी। छड़ निकला हुआ था, इसे देखकर डर लग रहा था। छड़ की वजह से दुर्घटना की आशंका है। नाले के ऊपर पटरी रखकर आने-जाने के लिए व्यवस्था बनाई गई है। पटरी से होकर दुकान तक जाना में बेहद खतरनाक है। थोड़ी सी चूक होने पर दुर्घटना होनी तय है।
कारोबारी राधेश्याम पटेल, ईश्वर रौनियरा, विप्लव विश्वास, संजय सिंह, आनंद सर्राफ, लालजी आदि ने बताया कि काम के दौरान सुरक्षा मानक का ध्यान रखना चाहिए। दुकान के सामने गड्ढा खोदकर छोड़ना ठीक नहीं है। इससे खतरे की आशंका रहती है। दुकान के सामने गड्ढा होने की वजह से इन दिनों कारोबार प्रभावित हो गया है।
हाईवे के दायरे में 3,500 से अधिक पेड़ काटे गए
महराजगंज से ठूठीबारी होते हुए नेपाल बॉर्डर तक 40.140 किमी लंबी एनएच-730S परियोजना का निर्माण कार्य 809.25 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण फोरलेन मार्ग के लिए 3,500 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। यह राजमार्ग, सिंदुरिया और मिठौरा से गुजरता है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह मार्ग नेपाल सीमा तक आवागमन को सुगम बनाएगा। आने वाले दिनों में नेपाल का सफर आसान होगा। सोनौली हाईवे पर यातायात का दबाव कम होगा। पर्यटकों समेत अन्य लोगों को सफर में मुश्किल नहीं होगी।
वर्जन
मानक के विपरीत नाले का निर्माण कराया जा रहा है। कार्य में शिथिलता बरती जा रही है। सुरक्षा मानकों का ध्यान ठेकेदार नहीं रख रहा है। सरिया बांध कर छोड़ देने से दुर्घटना की आशंका प्रबल हो गई है। सतर्कता से न चलने पर कोई भी गड्ढे में गिर सकता है।
-अनुभव पांडेय, स्टेशनरी दुकानदार
नाला निर्माण कार्य में देरी की जा रही है, साथ ही गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। अगर नाले पर ढलाई कर दी जा रही है तो भी किनारे मिट्टी नहीं डाला जा रहा है। इससे आने-जाने में समस्या हो रही है। बीते दिन दुकान पर आने के दौरान किनारे गड्ढे में पैर पड़ने से एक युवक में पैर में मोच आ गई थी।
-सतीश कुमार, बर्तन कारोबारी
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कार्यदायी संस्था को काम तेजी से कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। हर हाल में सुरक्षा मानकों का ध्यान दिया जाना चाहिए। अगर इसमें कहीं से लापरवाही हो रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
-शांभवी तिवारी, सहायक अभियंता, एनएचआईए