महराजगंज। सहालग के सीजन में लोग जमकर तला-भूना भोजन खा रहे हैं। इससे करीब 30 फीसदी लोगों का मधुमेह और रक्तचाप बढ़ गया है। हर दिन जिला अस्पताल की ओपीडी में इससे पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर मरीजों को कचौड़ी-पकौड़ी खाने से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही जिनका मधुमेह नियंत्रित है, उनको 20 ग्राम प्रत्येक दिन गुड़ खाने की डॉक्टर सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि सर्दी में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। पकौड़े और पराठा खाने के शौकीन समारोह में मिठाई भी खा रहे हैं। ऐसे में 10 से 15 फीसदी रोगियों का मधुमेह और 15 से 20 फीसदी लोगों का रक्तचाप बढ़ जा रहा है। कई ऐसे भी मरीज हैं, जो चाय-कॉफी अधिक लेते हैं। उनके शरीर में चीनी की मात्रा सामान्य से दो से तीन गुना अधिक पहुंच रही है। तकलीफ बढ़ने पर मरीजों को परहेज करने और चीनी के बजाय गुड लेने को सलाह दी जा रही है। जिनका मधुमेह नियंत्रित है, उनको 15 से 20 ग्राम गुड़ खाने की सलाह दी जा रही है।
बाजरे की रोटी, बथुआ, मेथी की साग से मिलेगा पोषक तत्व
आयुष अनुभाग के डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सर्दी में चिकनाई युक्त भोजन की मात्रा अधिक होने से सामान्य लोगों का वजन भी बढ़ रहा है। ऐसे में लोग बाजरे की रोटी और सीमित मात्रा में गुड़ खाएं यह फायदेमंद है। बबुआ, मेथी, सरसों का साग का इस्तेमाल भी शरीर को पोषक तत्व पहुंचाएंगे। शादी में मिठाई और तले भोजन की बजाय सूप, सलाद, चूल्हे को रोटी, बिना तड़के वाली दाल के साथ खा सकते हैं।
ये करें
-चाय और काफी कम पीएं, सूप पी सकते हैं।
-पराठा, पकौड़े समेत अन्य तली सामग्री से बचें।
-व्यायाम-योग करना बंद न करें इनका समय बढ़ा दें।