सील गांवों के लोगों की सुविधाओं का ख्याल रख रहा प्रशासन
लक्ष्मीपुर(महराजगंज)। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जहां सरकार हर जरूरी फैसला ले रही है, वहीं क्षेत्र के कुछ गांवों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि होने बाद ही गांव को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। ऐसे में ग्रामीणों को जरूरी सामानों की आपूर्ति में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रशासन ने गांवों में ठेला चलाने वाले दुकानदार नामित कर दिए हैं। वहीं गांव में लगाए गए बैरियर तक थोक व्यापारियों से सामान मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है।
क्षेत्र के सील किए गए गांवों में प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। आलम यह है कि किसी भी दशा में किसी को बाहर या अंदर आने जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। रोजमर्रा से जुड़ी वस्तुओं को मुहैया कराने के लिए हर संभव कोशिश हो रही है। तहसीलदार नौतनवां ने बताया कि रोजमर्रा से जुड़े सामानों के लिए गांव में ही ठेले चलाने वालों को चिह्नित किया गया है, जो बैरियर से थोक दुकानदार से सामान लेकर गांव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएंगे। वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी फरेन्दा अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि सील को प्रभावी बनाने में ग्रामीणों का सहयोग मिल रहा है। उन्हें कोई समस्या न हो, इसका ध्यान रखते हुए उन्हें बैरियर तक सामान मंगवाने व वहां से गांव में ले जाने दिया जा रहा है। इसके साथ ही आसपास के गांवों को दिक्कत न हो, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। सील के चलते आसपास के गांवों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लक्ष्मीपुर के अधीक्षक डॉ. दिवाकर राय ने बताया कि सील किए गए गांवों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के लिए वह हर वक्त तैयार हैं। स्वास्थ्य टीम हर स्थिति में उन्हें सेवा देने के तत्पर है।
किसानों की फसल की चिंता पर अधिकारियों की पहल
लक्ष्मीपुर। क्षेत्र के सील हुए गांवों में एक तरफ जहां कोरोना का भय बना है, वहीं लोगों को उनके तैयार हो चुकी गेहूं के फसल की चिंता सता रही है। अधिकारियों ने किसानों की चिंता पर सार्थक पहल की है। तहसीलदार नौतनवां ने शुक्रवार से कंबाइन चलाए जाने की बात कही है।
तहसीलदार नौतनवां ने बताया कि सील किए गए गांवों में किसानों की सूची तैयार करा ली गई है। सभी गांवों में कंबाइन उपलब्ध है। गांव की मशीन बाहर न जाने के बजाय सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए गांव में ही कटाई करेगी। इसके लिए कंबाइन चालक व संचालक को जरूरी सुझाव भी दिए गए हैं। वहीं ग्राम प्रधान विशुनपुर कुर्थिया मशीउद्दीन व ग्राम प्रधान विशुनपुर फुलवरिया मजहर ने प्रशासन के इस निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों गांवों में लगभग डेढ़ हजार एकड़ गेहूं की फसल को लेकर किसान चिंतित थे, जिसकी सुधि लेकर प्रशासन ने अपनी उदारता साबित की।