- दो निवेशकों ने भूमि को व्यावसायिक करने के लिए किया है आवेदन, अब तक नहीं हुआ है समस्या का समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। एक तरफ जिले में उद्यम को रफ्तार देने की कवॉयद हो रही है तो दूसरी तरफ धारा 80 के प्रकरण निवेशकों के विकास में बाधा बन रहे हैं। अभी भी दो निवेशक धारा 80 के प्रकरण को सुलझाने में जुटे हैं, मगर समस्या का निदान नहीं हो सका है। वहीं तहसील प्रशासन का कहना है कि स्टांप ड्यूटी आदि व अन्य मानकों के पूरा न होने की वजह से ही धारा 80 के प्रकरण लंबित होंगे, जिनके मानक पूरे हैं उन्हें तत्काल अनुमति दी जा रही है।
शासन की ओर से जिले में उद्यम व निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रयास जारी है। उद्देश्य है कि निवेशकों को बढ़ावा देकर जहां उद्यम स्थापित किया जाए वहीं जिले के आर्थिक विकास की गति को बढ़ाया जाए। बड़ी संख्या में लोगों ने उद्यम स्थापना के उद्देश्य से निवेश किया है। निवेश प्रारंभ होने के बाद बड़ी संख्या में धारा 80 के प्रकरण निवेश में बाधा बन रहे थे, जिलाधिकारी की तत्परता से ज्यादातर मामलों का निस्तारण हो चुका है। अभी भी दो मामले ऐसे हैं जिनके निस्तारण में कुछ मानकों की समस्या आ रही है।
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केस एक- अनिल पटेल नामक व्यक्ति की ओर से बसहिया बुजुर्ग में राइसमिल पर तीन करोड़ का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने धारा 80 कराने के लिए आवेदन किया है, अभी तक उनकी समस्या दूर नहीं हुई है।
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केस दो- खोस्टा के रहने वाले मनोज जायसवाल की ओर से एक करोड़ का निवेश किया जा रहा है। उनके भूमि के कृषि योग्य होने की वजह से समस्या आ रही है। समस्या का निदान हो जाए तो निवेश प्रारंभ हो।
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क्या आती है समस्या
कृषि योग्य भूमि को व्यवसायिक भूमि में तब्दील कराने के लिए एक प्रतिशत स्टांप ड़्यूटी व एक प्रतिशत अन्य ड्यूटी देने की व्यवस्था है। इन मानकों के पूरा न होने पर ही समस्या आती है।
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कोट
निवेशकों को निवेश के लिए प्रशासन की ओर से प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिस किसी का भी मानक पूरा है वे धारा 80 से जुड़े प्रकरण के लिए परेशान न हों। सीधे तौर पर मुझसे मिल कर अपनी समस्या बताएं, उसका त्वरित निदान कराया जाएगा।
-दिनेश कुमार मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर