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पीड़िताओं की मददगार बनी महिला हेल्प डेस्क

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नौतनवां थाना में महिला हेल्प डेस्क पर कार्य करतीं महिला कांस्टेबल अर्चना राय। - फोटो : MAHARAJGANJ
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पीड़िताओं की मददगार बनी महिला हेल्प डेस्क
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पांच थानों में शत-प्रतिशत निस्तारण जबकि पांच पहुंचे लक्ष्य के करीब
केस एक
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला अपने पति की हरकतों से तंग आ गई थी। उसका पति शराब पीकर रोज मारता-पीटता था। दिसंबर माह में हेल्प डेस्क तक मामला पहुंचा तो दोनों पक्षों को समझाया गया। इसके बाद दोनों में सामंजस्य स्थापित हो गया। अब कोई समस्या नहीं है।
केस दो
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहित ने सास और ननद से विवाद को लेकर जनवरी माह में हेल्प डेस्क पर शिकायत की। वहां तैनात महिला सिपाही उनको समझाया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद का निस्तारण हो गया। अब विवाहित ससुराल में शांतिपूर्वक है।
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केस तीन
सोनौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने घरेलू विवाद के मामले को लेकर जनवरी माह में हेल्प डेस्क पर शिकायत की है। लेकिन उसके मामले का निस्तारण अभी तक नहीं हो सका है। काउंसिंलिंग के बाद भी दोनों पक्षों में अब तक सहमति नहीं बन सकी है।
केस चार
निचलौल थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला का उसके पति से विवाद है। उसने हेल्प डेस्क पर शिकायत की। उसके मामले में दोनों पक्षों को बैठाकर मामले को निस्तारित करने का प्रयास हुआ। लेकिन बात नहीं बन रही है। पति को अपनी पत्नी के चाल-चलन पर शक है।
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए थानों में हेल्प डेस्क बनी है। यह पीड़िताओं के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। ज्यादातर मामले घरेलू विवाद से जुड़े आ रहे हैं। कोई पति की हरकत से तो कोई सास से परेशान है तो किसी की ननद से नहीं बन रही। पांच थानों की महिला हेल्प डेस्क पर शत-प्रतिशत मामले निस्तारित किए तो पांच शत-प्रतिशत निपटारे के करीब हैं।
प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए थानों में हेल्प डेस्क की व्यवस्था की है। हेल्प डेस्क की स्थापना हुए करीब तीन माह का वक्त गुजर गया। इस बीच हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों को निपटाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा से जुड़े आ रहे हैं। छींटाकशी, पड़ोसी से जमीन विवाद आदि के मामले हैं। शिकायत मिलने पर पुलिस की ओर से समस्याओं को निपटाने के लिए प्रयास किया जाता है। वहीं, मिशन शक्ति के माध्यम से भी महिलाओं को जागरूक करने की पुरजोर कोशिश की गई। पुरंदरपुर थाने में सर्वाधिक 15 मामले घरेलू विवाद से जुड़े रहे, सभी निस्तारित कर दिए गए। घरेलू उत्पीड़न, शराब पीकर मारने-पीटने का मामला अधिक रहा। वहीं, बृजमनगंज क्षेत्र में जमीन विवाद में मारपीट के मामले ज्यादा रहे। सदर कोतवाली क्षेत्र में ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा से जुड़े रहे।
हेल्प डेस्क प्रभारियों ने कहा
नौतनवां हेल्प डेस्क पर तैनात अर्चना राय कहती हैं कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण का प्रयास किया जाता है। ज्यादातर मामले में घरेलू विवाद आते हैं। सदर कोतवाली हेल्प डेस्क पर तैनात अनिता मिश्रा ने बताया कि घरेलू विवाद से जुड़ेे ज्यादा मामले आते हैं। बेहतर ढंग से काउंसिलिंग कर मामले को निस्तारित कर दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी होती है। परसा मलिक थाने में हेल्प डेस्क पर तैनात पम्मी सिंह ने बताया कि हेल्प डेस्क पर आने वाली सभी शिकायतें निस्तारित हो चुकी हैं। घरेलू विवाद से जुड़े जो मामले आते हैं, उसमें दोनो पक्षों को बेहतर ढंग से समझाया जाता है। आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण हो जाता है।
कोट
थानों में हेल्प डेस्क को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण हो रहा है। हेल्प डेस्क पर महिला कांस्टेबल की ड्यूटी शिफ्टवार लगती है। घरेलू विवाद को काउंसिलिंग कर सुलझाने की कोशिश की जाती है। पीड़िताओं के लिए हेल्प डेस्क काफी मददगार साबित हो रही है।
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-प्रदीप गुप्ता, एसपी
कोट
घरेलू विवाद से जुड़े मामले को निस्तारित करने में हेल्प डेस्क महत्वूपर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार की ओर से शुरू यह व्यवस्था पीड़िताओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे आपसी विवादों का निस्तारण हो रहा है। थाने से लेकर मुकदमों की पैरवी आदि से छुटकारा मिला जाता है। समझौते से निपटाने पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है।
-नवनीत धर दूबे, वरिष्ठ अधिवक्ता, दीवानी न्यायालय
थाना मामले आए निस्तारण
पुरंदरपुर 25 पूूरा
फरेंदा 92 88
बृजमनगंज 57 53
कोल्हुई 38 34
नौतनवा 35 पूरा
सोनौली 33 26
बरगदवां 17 पूरा
निचलौल 40 35
सदर 33 पूरा
परसा मलिक 6 पूरा
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