महराजगंज। अब स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रत्येक सदस्य के मोबाइल पर आभा एप डाउनलोड करा रही हैं। साथ ही आधार कार्ड से पंजीकृत कर उन्हें यूनिक नंबर से लैस कार्ड भी उपलब्ध करा रही हैं। इससे घर बैठे ही मरीज स्मार्ट फोन के जरिए टोकन नंबर ले रहे हैं। साथ ही सरकारी अस्पताल के काउंटर पर पहुंचते ही उन्हें ओपीडी पर्ची आसानी से उपलब्ध हो जा रही है।
यही नहीं ओपीडी पर्ची, उपचार एवं जांच विवरण की फाइल भी ऑनलाइन सुरक्षित हैं। एक क्लिक में अस्पताल को मरीज का पूरा डिटेल मिल जा रहा है। अब तक आशा कार्यकर्ता करीब तीन लाख आभा कार्ड बना चुकी हैं।
सरकारी अस्पतालों में किस दिन कौन से चिकित्सक की ओपीडी है इसकी जानकारी हासिल करने में मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। यही नहीं ओपीडी पर्ची के लिए सुबह से ही लंबी कतार लगानी पड़ती थी। इन परेशानियों को समाप्त करने के लिए मरीजों का ऑनलाइन विवरण रखने को लेकर शासन ने ठोस कदम उठाया।
आभा एप से मरीजों को सुविधा देने के लिए काम तेजी से चल रहा है। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में रहने वाले प्रत्येक लोगों का आभा कार्ड बनाने के लिए सदर ब्लाॅक में 174 आशा कार्यकर्ता कार्य कर रही हैं। आभा एप और कार्ड बनवा चुके मरीज अब समय से उपचार कराकर घर लौट रहे हैं।
सीएमओ डाॅ. नीना वर्मा ने बताया कि परिवार के प्रत्येक सदस्य का आभा कार्ड बनेगा। इससे उन्हें उपचार के लिए ओपीडी पर्ची के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। एप भी स्मार्ट फोन पर अपलोड कराया जा रहा है। जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है उनका आधार कार्ड पंजीकृत कर आभा कार्ड दिया जा रहा है, जो कार्ड दिखाकर आसानी से ओपीडी पर्ची प्राप्त कर सकते हैं।