महराजगंज। जिला अस्पताल का आयुष अनुभाग बदहाल हो गया है। कहीं टाइल्स उखड़ी है, तो कहीं छत से प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। कभी-कभी तो मरीजों के ऊपर प्लास्टर गिर जाता है। अधिकारी समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। पेयजल की सुविधा भी ठीक नहीं है। शौचालय भी बदहाल हो चुका है।
वर्ष 2016 में जिला अस्पताल में आयुष इकाई का शुभारंभ हुआ। सात साल में ही यह भवन जर्जर हो गया है। आयुष इकाई में घुसते ही कई जगहों पर फर्श उखड़ा दिख जाता है। यूनानी विभाग के दरवाजे पर ही प्लास्टर गिर चुका है। आयुर्वेद चिकित्सक, होमियोपैथ चिकित्सक के कक्ष में जगह-जगह छत से प्लास्टर टूटकर गिरता है। डॉक्टरों के कक्ष का शौचालय बदहाल हो गया है। यहां पानी की आपूर्ति नहीं है, जिससे शौचालय निष्प्रयोज्य है। दरवाजे टूट रहे हैं। खिड़कियों के कांच भी टूट गए हैं।
राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि डर लग रहा है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए। रामसेवक को गैस की परेशानी थी। वह जिला अस्पताल के आयुर्वेद डॉक्टर के पास बैठे थे। उन्होंने बताया कि फर्श से टाइल उखड़ गई है। चलने में थोड़ी सी असावधानी हुई तो पैर में चोट आई। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए कारगर कार्रवाई की जाएगी।