सेहत, सड़क और परिवहन से जिंदगी को मिलेगी नई रफ्तार
विकास के पथ पर तेजी से दौड़ रहे महराजगंज जनपद में नए वर्ष में तमाम परियोजनाएं होंगी पूरी, बढ़ेंगी सहूलियतें
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नए साल में जिंदगी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। दरअसल यहां विकास को गति देने के लिए तमाम परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। उम्मीद है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, सड़क, पर्यटन से लेकर अन्य क्षेत्र में होने वाले कार्य पूरे होंगे। जनपदवासियों को इससे काफी सहूलियत मिलेगी। चाहे देवदह के विकास की बात हो, या फिर दर्जिनिया ताल में बटरफ्लाई पार्क बनाने की योजना, सभी नए साल में पूरे होंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी जरूरतें बेहतर होंगी। ट्रामा सेंटर के साथ सीएमओ कार्यालय का अपना भवन होगा। ठूठीबारी बार्डर तक सड़कें चौड़ी होंगी तो बस स्टेशन भी बनकर तैयार हो जाएगा। नए साल की उम्मीदों पर एक विशेष रिपोर्ट:-
घायलों को मिलेगा तत्काल इलाज
जिला अस्पताल परिसर में ट्रामा सेंटर बनकर तैयार है। भवन की रंगाई, पुताई हो चुकी है। बिजली का कार्य भी पूरा हो चुका है। इसमें अत्याधुनिक मशीनें लाना है। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। घायलों को त्वरित एवं बेहतर इलाज की सुविधा ट्रामा सेंटर में मिलेगी।
ब्लड सेपरेशन यूनिट चालू होगी
ब्लड बैंक परिसर में ब्लड सेपरेशन यूनिट भी बनकर तैयार है। नए साल में यह भी संचालित हो जाएगा। इस यूनिट को संचालित होने पर रक्त को चार भागों में बांटा जा सकेगा। इसमें मरीजों की मुश्किल दूर हो जाएगी। यहां भी भवन बनकर तैयार हो चुका है। दो मशीन आ चुकी हैं। अन्य मशीनों के आने का इंतजार है।
सीएमओ कार्यालय को मिलेगा अपना भवन
वर्ष 1989 में महराजगंज को गोरखपुर से अलग किया गया था। उस समय जिले में सीएमओ कार्यालय नहीं था। आनन फानन में सदर सीएचसी के ऊपरी तल पर सीएमओ कार्यालय संचालित होने लगा। इसके बाद जिला मुख्यालय परिसर में सीएमओ कार्यालय निर्माण पूरा होने कगार पर है। 298.19 लाख रुपये स्वीकृत है। ड्रगवेयर हाउस, 25 उप केंद्र, होम्योपैथ कार्यालय को अपना भवन मिलेगा।
सीमावर्ती क्षेत्र में संचालित होगा सीएचसी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरमौली बनकर तैयार हो चुका है। इसमें अभी कुछ कार्य शेष हैं। परिसर की चहारदीवारी समेत अन्य जरूरी कार्य पूरे हो चुके हैं। इस वर्ष यह सीएचसी संचालित हो जाएगी तो क्षेत्र के करीब 80 हजार लोगों को बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी।
रोहिन नदी पर बनेगा आटोमेटिक बैराज
नौतनवा तहसील क्षेत्र के मिश्रवलिया गांव के निकट से होकर गुजरी रोहिनी नदी पर करीब 86.96 करोड़ रुपये की लागत से आटोमेटिक बैराज का निर्माण जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बृजेश सोनी ने बताया कि इस बैराज के निर्माण से 65 गांवों की 8811 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की सुविधा हो जाएगी। बैराज का निर्माण कार्य के लिए कार्यस्थल पर अत्याधुनिक मशीनें और सामग्री आना शुरू हो चुका है। रोहिनी बैराज की लंबाई 8 बाई 40 मीटर होगी। इसमें सात फाटक रहेंगे। इसमें से निकलने वाली छह नहरों में मुख्य नहर रोहिन नहर, दुर्गापुर माइनर, रामनगर रजवाहा, अजगरहा माइनर, सिसवा माइनर, बेलवा माइनर शामिल रहेंगी। इन सभी नहरों की 45.363 किलोमीटर लंबी होगी।
देवदह को मिलेगी जल्दी पहचान
महात्मा भगवान बुद्ध के ननिहाल देवदह को पहचान दिलाने की जद्दोजहद जल्दी रंग लाएगी। देवदह को विकसित कर पर्यटन से जोड़ने का सपना नए साल में पूरा होगा। यहां रास्ता एवं धर्मशाला बनाने की प्रक्रिया शुरू है। इतिहासकारों के मुताबिक महराजगंज में ही भगवान बुद्ध की ननिहाल देवदह है। नौतनवां तहसील के बनरसिया कला और बनरसिया खुर्द में यह स्थान है। 1978 में पुरातत्व विभाग ने यहां 88.8 एकड़ भूमि संरक्षित कर किसी भी प्रकार के निर्माण और खनन पर रोक लगा दी। टीले के नाम मात्र 1.04 एकड़ जमीन बची है। देवदह गौतम बुद्ध की मां महामाया, मौसी महाप्रजापति गौतमी और पत्नी यशोधरा की जन्मस्थली है।
खोदाई शुरू होने पर अस्तित्व में आएगा रामग्राम
रामग्राम स्तूप को मान्यता दिलाने और महराजगंज को बौद्ध सर्किट के प्रमुख केंद्र के रुप स्थापित करने की जिला प्रशासन की पहल हुई है। रामग्राम स्तूप धातु चैत्य भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष पर बना है। बताया जाता है कि जब गौतम बुद्ध की कुशीनगर में परिनिर्वाण हुआ तो विभिन्न राज्यों के राजा उनकी अस्थि को लेने के लिए पहुंचे थे। वहां विवाद की स्थिति न पैदा होने पाए इसके लिए एक राय बनी कि बुद्ध की अस्थियों को आठ भागों में बांट दिया जाए। अस्थि का एक हिस्सा तत्कालीन कोलीय वंश के राजा महाकाल भी लेकर आए और अस्थियों पर स्तूप बनवा दिया। बाद में कुषाण व गुप्त कालखंड में इसे विस्तृत रुप दिया गया। कहा तो यहां तक जाता है कि सम्राट अशोक भी इस स्तूप का दर्शन करने आए थे।
पूर्वांचल का पहला बटरफ्लाई पार्क का सपना होगा साकार
पर्यटकों की संख्या को देख शासन द्वारा दर्जिनिया में 80 लाख की लागत से करीब 50 डिस्मिल जमीन पर पूर्वांचल का पहला बटरफ्लाई पार्क बनेगा। जिसके किनारे तकरीबन 70 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क होगी। पर्यटक टहल कर सैकड़ों प्रजाति की तितलियों को देख सकेंगे। वहीं पार्क में एंट्री गेट, ऑक ट्री सहित अनेक प्रजाति के प्लांट लगाए जाएंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में उम्मीद
-वन ग्राम में 29 स्कूल अपने भवन में संचालित होंगे। इससे 18 वन ग्राम के करीब चार हजार बच्चे लाभान्वित होंगे।
-समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूल संचालित होगा। 25 करोड की लागत से भवन बनकर तैयार है।
-प्राजेक्ट अलंकार योजना के तहत स्कूलों की दशा में सुधार होगा।
-केंद्रीय विद्यालय बनने का सपना साकार होगा।
-सैनिक स्कूल का निर्माण शुरू होगा
-कस्तूरबा विद्यालय में कंप्यूटर लैब बनेगा
-मेडिकल कालेज में बनेगा
-राजकीय इंटर कालेजों में व्यवासायिक पाठ्यक्रम संचालित होगा।
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रोजगार में उम्मीद
-300 अभ्यर्थियों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत टूल किट देकर स्वरोगार से जोड़ने की पहल होगी।
-पुरैना में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का संचालन होगा।
-सेवायोजन एवं कौशल विकास मिशन की ओर से युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।
-इंवेस्टर समीट के जरिए रोजगार को बढ़ावा।
- 21 उद्यम पर 130 करोल्ड़ का निवेश कर 1200 लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
-16 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन , मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा ओडीओपी के कुल 181 जरुरतमंदों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
विकास कार्यों में उम्मीद
-जिले भर में 39.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस पर 43 करोड़ खर्च होगा।
-पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्री सुविधा के उद्देश्य से सोनौली में लैंडपोर्ट बनाया जाएगा। 140 एकड़ में बनने वाले लैंडपोर्ट में होटल के साथ ही अन्य यात्री सुविधाएं मिलेंगी।
-उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास द्वारा सोनौली में संचालित निरंजना होटल की काया सुधरेगी। इसके लिए 2.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
-माधवनगर तुकर्हिया में विद्युत स्टेशन बनकर तैयार होने से करीब 50 गांवों को लाभ मिलेगा
-महराजगंज शहर में अत्याधुनिक बस स्टेशन बनकर तैयार होगा।
-5768 व्यक्तिगत शौचालय बनेंगे। 10 सामुदायिक शौचालय बनेंगे।
-500 गांवों को मॉडल बनाया जाएगा।