महराजगंज। अप्रैल की शुरुआत होते ही मौसम का प्रभाव दिखने लगा है। बढ़ते तापमान और आगामी मई-जून माह में संभावित हीटवेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिला अस्पताल में आठ, सीएचसी में चार व पीएचसी में दो-दो बेड आरक्षित हैं।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि शासन की ओर से सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के 17 सीएचसी और 40 पीएचसी पर अलग से कोल्ड रूम बनाया गया है। जहां हीटवेव से प्रभावित मरीजों को भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया जाएगा।
कोल्ड रूम समुचित प्रबंध है, जिससे मरीजों को तत्काल राहत मिल सके। इसके साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर शुद्ध और ठंडे पेयजल की व्यवस्था की जा रही है ताकि आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि हीटवेव से बचाव के अन्य उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सीएचसी और पीएचसी परिसर में छायादार स्थान बनाए जा रहे हैं। ताकि तीव्र गर्मी में मरीज और उनके परिजन सुरक्षित व आरामदायक स्थान पर बैठ सकें। इसके अतिरिक्त, सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस कॉर्नर बनाए जा रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों को ओआरएस घोल निशुल्क दिया जाएगा। यह कदम विशेष रूप से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक की स्थिति से निपटने के लिए उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि जिले भर की एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी में अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। हल्के व सूती कपड़े पहनें, भरपूर मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेटेड रखें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।