फरेंदा क्षेत्राधिकारी कोमल प्रसाद मिश्रा ने कहा कि सुसाइड नोट के आधार पर मृतक के पत्नी की तहरीर पर आरोपी तेज प्रताप सिंह, रानू सिंह निवासी महदेवा व रविंद्र सिंह निवासी सिद्धार्थनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा।
मृतक आश्रित कोटे से बने थे शिक्षक
प्रधानाध्यापक शिवकुमार विश्वकर्मा अपने पिता स्व. सरयू प्रसाद की नौकरी के दौरान मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे से 1997 में अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई थी। वह दो भाईयों में बड़े थे। छोटे भाई रामकुमार टेंट हाउस की दुकान चलाते हैं। उनके चार संतानों में दो बेटियां नंदनी (17), नंदिका (14) बेटा अमन कुमार (15), अमर कुमार (13) है। पति की मौत के बाद पत्नी सरस्वती रोते रोते बेसुध हो रही है।
प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष केशव मणि ने कहा कि शिक्षक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है, शिक्षक के परिवार के साथ पूरा संघ खड़ा है। अगर शिक्षक को न्याय नहीं मिला तो शिक्षक संघ आंदोलन करेगा। शिक्षक की मौत के जिम्मेदार लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए। जिससे परिजनों को न्याय मिल सके।
शिक्षक की मौत से परिवार पर हुआ बज्रपात
सूदखोरी का धंधा धीरे-धीरें पूरे क्षेत्र में फैल रहा है। जिसकी चपेट में आकर गरीब व मजबूर लोग उनका शिकार होते रहते हैं। वहीं सूदखोरों के प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षक द्वारा आत्महत्या करने से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। परिवार के जीविकोपार्जन पर भी संकट खड़ा हो गया है। करमहां प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक शिवकुमार विश्वकर्मा की मौत से पूरा परिवार टूट गया। शिक्षक के चार संतान है जो अभी नाबालिग हैं। उनके पालन पोषण के साथ पढ़ाई लिखाई सही ढंग से हो पाना भी अब कठिन हो रहा है। जिसे सोच कर पत्नी बार-बार बेसुध हो रही है। गांव के लोग उन्हे ढाढ़स बंधाने में जुटे हुए हैं।