गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा में कथा व कीर्तन का हुआ आयोजन
नौतनवा। गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर सोमवार को नगर स्थित गुरुद्वारा श्रीगुरू सिंह सभा में कथा-कीर्तन समेत विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सिख समुदाय के लोगों ने दरबार में विराजमान गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और अमन-चैन एवं सुख, शांति व समृद्धि बने रहने की कामना की।
अमृतसर से आए ज्ञानी भाई सुरेंद्र सिंह एवं भाई परमजीत सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह धर्म और मानवता की रक्षा के लिए मुगलों के साथ 14 युद्ध लड़े। उनका जीवन बहुत ही संघर्ष भरा रहा। अन्याय और अत्याचार का खात्मा करने के लिए उन्होंने अपने समस्त परिवार का बलिदान भी दिया। इसीलिए उन्हें सरबंशदानी भी कहा जाता है। इनके द्वारा कही गई सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं पंक्ति वीरता और साहस की परिचायक है। कार्यक्रम के बाद लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान सिख समुदाय के अध्यक्ष मंजीत सिंह, परमजीत सिंह बॉबी, अमरिंदर सिंह, सोनू गांधी, इंद्रपाल सिंह, अनुप्रीत कौर, चरनप्रीत सिंह, करमजीत सिंह मौजूद रहे।