महराजगंज। श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के महुआ महुई निवासी संग्राम सिंह के मौत के बाद उनकी पत्नी गुड्डी बच्चों की परवरिश को लेकर चिंता में डुबी हुई है। उसके आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहें हैं। मां समेत चारों बच्चे बदहवास हो गए हैं। उनके जीवन में अचानक आई इस आफत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। रविवार की शाम को दाह संस्कार करने के बाद से ही घर में मातम छाया हुआ है। सोमवार को भी गुड्डी के साथ साथ अगल बगल के घरों में भी मातम पसरा रहा।
श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के महुआ महुई निवासी संग्राम सिंह ने 20 वर्ष पूर्व अपने ही गांव की रहने वाली गुड्डी के साथ प्रेम विवाह किया था। उसके बाद से ही वह बाहर रहने लगा। घर वालों से कोई वास्ता नहीं रह गया था। वर्तमान में वह मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के एक लिमिटेड कंपनी में काम कर रहा था। उसकी मौत के बाद रविवार को पत्नी गुड्डी शव लेकर गांव पहुंची। संग्राम के पिता अमरेन्द्र सिंह ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। वह अपने मायके में है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था कायम है। तहरीर नहीं मिली है। संवाद