महराजगंज। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) स्लैब में बदलाव के बाद भी आशियाना निर्माण सामग्री में कोई राहत नहीं मिली है। सीमेंट पर 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 कर दिया गया है। वहीं ईंट पकाने के लिए जिस कोयले का उपयोग होता है उसे 5 फीसदी टैक्स स्लैब से 18 फीसदी के दायरे में कर दिया गया है। ऐसे में सीमेंट की छूट को ईंट निगल जाएगा। ईंट का तत्काल रेट अभी नहीं बढ़ा है, लेकिन ईंट निर्माता समिति की माने तो कोयले की महंगाई के कारण ईंट का रेट बढ़ाना मजबूरी है।
आशियाना बनवाना सभी का सपना होता है लेकिन निर्माण सामग्री पर महंगाई की मार से यह महंगा बना हुआ है। निर्माण में लगने वाले सीमेंट को 28 प्रतिशत के स्लैब से निकालकर 18 प्रतिशत के स्लैब में डाला गया है। सीमेंट कारोबारियों के मुताबिक इस बदलाव से प्रति बोरी सीमेंट 25 से 30 रुपये घटी है।
कोयले पर पांच प्रतिशत की जगह संशोधित दर 18 फीसदी किया गया है। भट्ठा संचालकों की माने तो अभी पुराने कोयले से काम चला रहा है। जब नई खरीदारी करेंगे तो कोयला महंगा मिलेगा जिससे ईंट का दाम अधिक चुकाना पड़ेगा।
सिविल इंजीनियर केएम सिंह ने बताया कि एक हजार वर्ग फीट मकान निर्माण में करीब 150 बोरी सीमेंट की खपत होती है।