संवाद न्यूज एजेंसी
परतावल। एक तरफ पिपरपाती खेल मैदान में सरकार और वन विभाग वन महोत्सव के तहत पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर उसी के बगल में परिषदीय विद्यालय परिसर का एक हरा-भरा आम का पेड़ काट दिया गया। वन महोत्सव के दिन हुई इस घटना ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोमवार को कतरारी रेंज के अंतर्गत ग्राम सभा पिपरपाती के खेल मैदान में वन महोत्सव एवं ग्रीन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने पीपल का पौधा रोपित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को हरा-भरा बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बलवंत विश्वकर्मा, जनार्दन सिंह, धन्नू गुप्ता, पंकजेश कनौजिया सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आम, महुआ, गुलमोहर, हरसिंगार, आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। पौधरोपण के बाद ग्राम सचिवालय में ग्रीन चौपाल एवं गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और वृक्षों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के बगल में ही परिषदीय विद्यालय परिसर में आम के हरे पेड़ को काट दिए जाने की जानकारी सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस दिन पूरे क्षेत्र में पौधे लगाने और पेड़ों की सुरक्षा का संदेश दिया जा रहा, उसी दिन हरा- पेड़ का कट जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।