शासन ने मांगा ग्राम शिक्षा निधि के धन का ब्योरा
बीएसए ने बीईओ को लिखा पत्र, प्रधानाध्यापकों से मांगा गया विवरण
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों का वर्ष 2010 के पूर्व गठित ग्राम शिक्षा निधि के खातों में पड़े लाखों रुपये का शासन ने ब्योरा मांगा है। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से विद्यालयों में गठित ग्राम शिक्षा निधि सहित अन्य बैंक खातों का पूरा विवरण लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में पत्र लिखकर विद्यालयों में गठित ग्राम शिक्षा निधि के रकम का विवरण मांगने को कहा है।
सरकार की ओर से योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए छात्रवृत्ति, नि:शुल्क ड्रेस वितरण, भवन निर्माण आदि के मद में धन भेजने के लिए वर्ष 2010 से विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया गया है। इससे पूर्व ग्राम शिक्षा निधि गठित थी। विद्यालय में नई समिति ने कार्य करना शुरू तो कर दिया, लेकिन कई विद्यालयों में ग्राम शिक्षा निधि के खाते में पड़े धन को खर्च नहीं किया गया। हाल ही में शासन स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में विद्यालयों में गठित ग्राम शिक्षा निधि के खाते में रकम डंप होने का मामला प्रकाश में आया। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के प्रधानाध्यापकों से ग्राम शिक्षा निधि, विद्यालय प्रबंध समिति, मिड डे मील सहित विभिन्न खातों के पासबुक का स्टेटमेंट ब्लॉक स्तर पर बीईओ कार्यालय में भेजने का निर्देश दिया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 17 सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों के बैंक खातों का स्टेटमेंट प्राप्त करने का निर्देश दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने बताया कि जिले के सभी प्रधानाध्यापकों से ग्राम शिक्षा निधि, विद्यालय प्रबंधक समिति, मिड डे मील सहित विभिन्न खातों का स्टेटमेंट खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 17 सितंबर तक जमा करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए पत्र ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी को जारी किया गया है।