महराजगंज। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा की ओर से चले संयुक्त स्कूल चलो अभियान में माध्यमिक स्कूलों ने बाजी मारी है। जनपद के 29 राजकीय स्कूलों में पिछले शैक्षिक सत्र में 4500 के लगभग थी, जो नये शिक्षा सत्र में छह हजार से अधिक हो गई है।
अप्रैल में बेसिक शिक्षा विभाग व राजकीय माध्यमिक स्कूलों ने नामांकन बढ़ाने के लिए संयुक्त अभियान शासन के निर्देश पर आयोजित किया। राजकीय माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक, प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य आठवीं तक संचालित पूर्व माध्यमिक व कंपोजिट स्कूलों तक गए और आठवीं उत्तीर्ण बालक-बालिकाओं को राजकीय माध्यमिक स्कूलों में प्रवेश कराया।
संयुक्त अभियान का लाभ रहा कि इस बात 29 राजकीय स्कूलों में पिछले सत्र के मुकाबले 1500 से अधिक प्रवेश हुए। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग ने राजकीय शिक्षकों व परिषदीय शिक्षकों की मदद से पहले चरण के अभियान में 20 हजार प्रवेश पूर्ण करने में सफलता प्राप्त की। इस उपलब्धि से उत्साहित बेसिक व माध्यमिक के शिक्षक जुलाई में दूसरे चरण का अभियान प्रभावी करेंगे।
समर कैंप में बच्चों ने सीखा नवाचार
राजकीय माध्यमिक स्कूलों में इस बार समर कैंप का आयोजन ऐच्छिक था, लेकिन सभी राजकीय स्कूलों में इसे न सिर्फ बढ़-चढ़कर आयोजित किया गया बल्कि कैंप में बच्चों उपस्थिति भी शतप्रतिशत रही। राजकीय बालिका इंटर काॅलेज धनेवा की प्रधानाचार्य अनामिका पांडेय ने बताया कि समर कैंप 21 जून से प्रारंभ किया गया था। इसमें वित्तीय प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल डेवलपमेंट आदि नवाचार से परिचित कराया गया। 10 जून को कैंप का समापन किया जाएगा।
जुलाई से तीन हजार बेटियां सीखेंगी आत्मरक्षा
जनपद के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए तीन माह पर संविदा पर ताइक्वांडो के जानकर ट्रेनर रखे जाएंगे जिन्हें पांच हजार रुपये प्रति माह का मानदेय दिया जाएगा। ट्रेनर प्रति दिन 40 मिनट की कक्षा राजकीय माध्यमिक स्कूलों में तीन माह तक लेंगे। जिले के 29 स्कूलों में तीन हजार से अधिक बेटियां नामांकित हैं। राजकीय माध्यमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक अनमोल यादव ने बताया कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण एक जीवन कौशल है जो बालिकाओं में आत्मविश्वास पैदा करने उनको अपने परिवेश के बारे में जागरूक करने के साथ अप्रत्याशित घटना से बचाव के लिए तैयार रहने में मदद करेगा।