जीएसटी अफसरों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज, रामगढ़ताल थाना पुलिस ने शुरू की जांच
कंपनी के निदेशकों पर छह करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी का आरोप
गोरखपुर। शहर में दो बोगस फर्मों का पंजीकरण कराकर करीब छह करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। जीएसटी अफसरों ने भौतिक सत्यापन कर बोगस फर्म को चिह्नित किया। इसके बाद रामगढ़ताल थाने में जीएसटी अफसरों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। फर्म के मालिक एटा के अलीगंज निवासी अजय कुमार व लखीमपुर खीरी निवासी हारुन अली को आरोपी बनाकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पहला केस सहायक कमिश्नर खंड एक असीम राजपूत ने दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस को बताया कि सिनेमा रोड स्थित श्रीकुमार ट्रेडर्स के नाम से पंजीकृत फर्म फर्जी मिली है। फर्म का पंजीकरण एटा निवासी अजय कुमार के नाम से है। आरोप है कि अजय कुमार ने पांच करोड़, 79 लाख, 77 हजार, 855 रुपये की हेराफेरी की है।
दूसरा केस जीएसटी के सहायक आयुक्त खंड तीन अजय कुमार ने दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस को बताया कि भौतिक सत्यापन में बोगस फर्म के बारे में पता चला। छह अगस्त को कैंसिल करने का नोटिस भी भेजा गया। फर्म घासीकटरा के पते पर हारुन अली के नाम पर पंजीकृत की गई थी। स्टार इंटरप्राइजेज को सप्लाई करके जीएसटी चोरी की गई है। सात मार्च को फर्म का पंजीकरण हुआ था।
विभागीय पोर्टल की जांच में सामने आया कि फर्म की ओर से स्टार इंटरप्राइजेज को केवल पेपर में सप्लाई दिखाकर 55 लाख 84 हजार 158 रुपये की कर चोरी की गई है। दोनों फर्म बोगस हैं और करोड़ों में आर्थिक चोट पहुंचाई गई है। दोनों फर्मों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
वर्जन
जीएसटी के अधिकारियों की तहरीर पर रामगढ़ताल थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आगे की जांच चल रही है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी