एम्स थानाक्षेत्र निवासी सराफा ने निदेशक समेत चार के खिलाफ दर्ज कराया केस
जालसालों ने प्राइवेट बैंक खोलकर एक साल तक जमा कराए रुपये 3.14 लाख रुपये
मैच्यूरिटी पूरा होने पर देने से किया इन्कार, जांच में जुटी पुलिस
गोरखपुर। गोल्डेन फ्यूचर निधि लिमिटेड नामक कंपनी के निदेशक सुनील सिंह चौहान और उनकी पत्नी बंटी चौहान समेत चार लोगों पर एक सराफा व्यापारी से धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस को तहरीर देकर मामले की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एम्स थानाक्षेत्र के गायत्री नगर, कूड़ाघाट निवासी सराफा रीतम वर्मा का अलंकार ज्वेलर्स के नाम से सोने-चांदी की दुकान है। उन्होंने बताया कि करीब 15 महीने पहले उनकी दुकान पर सुनील सिंह चौहान और उनकी पत्नी बंटी चौहान आए थे। उन्होंने खुद को गोल्डेन फ्यूचर निधि लिमिटेड नामक प्राइवेट बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर बताते हुए बताया कि उनकी संस्था राष्ट्रीयकृत बैंकों की तुलना में बचत खातों पर अधिक ब्याज देती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक साल की स्कीम में निवेश करने पर डेली कलेक्शन होगा और मेच्योरिटी पर मूलधन के साथ 7.5 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा। उनके झांसे में आकर रीतम वर्मा, उनकी पत्नी खुशबू वर्मा और परिचित अंजू शुक्ला ने इस योजना में रुपये लगाना शुरू किया। बैंक का एजेंट रोजाना दुकान और घर आकर रकम जमा करता और महीने के अंत में रसीद प्रदान करता था। इस तरह एक साल में उन लोगों ने करीब 3.14 लाख रुपये जमा कर दिए।
आरोप है कि निवेश की अवधि पूरी होने पर जब वह लोग रुपये लेने कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो आरोपी टालमटोल करने लगे। काफी दबाव बनाने पर उन्होंने तीन अलग-अलग चेक जारी किए। पीड़ित जब उन चेकों को बैंक में जमा किया गया तो सभी चेक बाउंस हो गए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने कंपनी निदेशक और उनके सहयोगियों के खिलाफ शाहपुर थाने में केस दर्ज कराया है। शाहपुर थानाप्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुनील सिंह चौहान, उनकी पत्नी बंटी चौहान, एजेंट नितेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों, चेक की कॉपियों और अन्य सबूतों को जांच में शामिल किया गया है।