महराजगंज। गेहूं की फसल पककर खेतों में लहलहा रही है। यह देख किसान प्रफुल्लित हो जा रहा है, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही के चलते ढीले तारों से निकली एक चिंगारी किसानों की छह माह की मेहनत जलाकर राख कर दे रही है। बीते एक सप्ताह में 12 से अधिक स्थानों पर आग से सैकड़ों एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी है।
शुक्रवार को पनियरा क्षेत्र के कमासिन बुजुर्ग के सिवान में पड़ताल की गई तो बिजली विभाग की खामियां नजर आईं। बिजली के तार खेत में दिखे। तार ज्यादा नीचे हैं। हवा के झोकों से आपस में स्पर्श हो रहा था। सुबह के करीब 11 बजे रहे थे। उस वक्त बिजली नहीं थी। घुरई गुप्ता के खेत से होकर तार गुजरा है। पास से गुजरते हुए घुरई फसल को देख रहे थे। उन्होंने बताया कि विद्युत पोल अभी एक महीने पहले आरसीसी रोड ढालने वाली मशीन की वजह से टूटकर खेत में ही गिरा गया है। गनीमत रहा कि जनहानि नहीं हुई। तार ऐसे झुका हुआ है कि कंबाइन मशीन नहीं चल पाएगी। तेज हवा चल रही है, जल्द फसल कटवाने की व्यवस्था में जुटा हूं।
क्षेत्र में इसी तरह से अन्य लोगों की फसल से होकर तार गुजरा है। थोड़ा आगे बढ़ने पर कमासिन बुजुर्ग गांव के ही रहने वाले रमेश सोनी का खेत दिखा। उन्होंने बताया कि विद्युत पोल उनके खेत में लगभग 10 वर्षों से झुका है। गेहूं की फसल हो या धान की हमेशा डर बना रहता है। जुताई बुआई के समय ट्रैक्टर ठीक से नहीं चल पाता है। विद्युत विभाग से कई बार कहा गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। क्षेत्र के ग्राम पंचायत गेहुअना, माधोनगर, जर्दी टोला भगड़ा, कमासिन खुर्द, गिरगीटियां, मौलागंज करमहिया, जंगल बड़हरा, हरिरामपुर, नेवाश पोखर व गोनहा आदि गांवों के सिवान में खेत से होकर तार गुजरा है।
फसल के साथ पूंजी हुई राख, बढ़ी दुश्वारियां
महराजगंज। इन दिनों आग लगने से किसानों का काफी नुकसान हो रहा है। कुछ तो ऐसे हैं जिनकी पूरी फसल आग की भेंट चढ़ गई है। पीड़ितों को प्रशासन से मदद की दरकार है। नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव रामनगर में बीते दिनों आगे लगी थी। इसमें चार झोपड़ी समेत कुल छह एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। गांव की उषा देवी अपने घर पर मायूस हालत में मिली। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 65 डिस्मिल खेत है। घर में पति रामू बेटा राहुल,बीरू, बेटी पूजा और खुशबू है। फसल लगाने में आठ हजार रुपए खर्च हुआ था। आग लगने से फसल जलकर राख हो गई। अब को चिंता हो रही है कि घर गृहस्थी कैसे चलेगी। खेत लगी पूंजी भी राख हो गई। मदद की उम्मीद है, लेकिन अभी तक कोई देखने नहीं आया। इसी गांव की शकुंतला देवी का खेत भी जलकर राख हो गया है। 65 डिस्मिल गेहूं की फसल लगी थी, इसमें से कुछ भी नहीं बचा है। शकुंतला देवी ने बताया कि पति श्यामू बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। घर पर सास भानमती, बेटा दीपक, रितेश, बेटी अनुराधा के साथ रहती हूं। खेत की जुताई, बुआई, बीज, खाद, पानी में लगभग साढ़े हजार खर्च हुआ था। गेहूं की फसल पक गई थी, आग लगने से खड़ी फसल जलकर राख हो गई। अब तो गुजर बसर कैसे होगा, चिंता हो रही है।