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Maharajganj News: पहले अशरे में नाजिल होती है खुदा की रहमत च

Sat, 08 Mar 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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मिठौरा। रमजान महीने के पहले अशरे का रोजा चल रहा है। इस्लाम के जानकारों के मुताबिक रमजान का पूरा महीना मोमिनों के लिए खुदा की तरफ से अजमत, रहमत और बरकतों से भरा है। अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों (हिस्सों) में तक्सीम किया है।
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पहला अशरा खुदा की रहमत वाला है। पहले अशरे में 10 दिनों तक अल्लाह की रहमत से सभी सराबोर होते रहेंगे। एक से 10 रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है। 10वीं रमजान से दूसरा अशरा शुरू होगा। पूरे रमजान माह को तीन अशरों में बांटा गया है। रमजान के पहले 10 दिनों को पहला अशरा, दूसरे 10 दिनों को दूसरा अशरा और आखिरी 10 दिनों को तीसरा अशरा कहा जाता है। परसौनी मदरसे के मौलाना ईमाम कौशर ने कहा कि रमजान का पहला अशरा रहमत वाला है।
दूसरा अपने गुनाहों की माफी मांगने का और तीसरा अशरा जहन्नम की आग से अल्लाह की पनाह चाहने वाला। रमजान के पहले अशरे में अल्लाह की रहमत के लिए इबादत करनी चाहिए। इसी तरह रमजान के दूसरे अशरे में अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। रमजान की तीसरा अशरा जहन्नम की आग से अल्लाह की पनाह मांगने का है। संवाद
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