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गाय-बछड़ों को गोद लेने पर रकम देगी सरकार

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गाय-बछड़ों को गोद लेने पर रकम देगी सरकार
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पशुपालक अधिकतम चार गो वंश ले सकेंगे गोद
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले के गोशाला में रखे गए गो वंश को गोद लेने पर सरकार पशुपालकों को रकम देगी। एक किसान अथवा पशुपालक अधिकतम चार गो वंश को गोद ले सकेंगे। प्रति गो वंश प्रतिमाह 900 रुपये की दर से संबंधित पशुपालक के खाते में भुगतान किया जाएगा। गोद लिए गए पशु किसान के पास हैं अथवा नहीं इसका सत्यापन तीन महीने में अधिकारी करेंगे।
जिले में हुई पशुगणना के अनुसार यहां करीब दो लाख 52 हजार के करीब पशु दर्ज थे। इसके बाद वर्ष 2018-19 में छोटे-बडे़ सभी जानवरों को मिलाकर करीब 3 लाख 94 हजार टीकाकरण हुआ है। जिले में मधवलिया गोसदन के अलावा 12 कांजी हाउस, दो कान्हा हाउस व अस्थायी आश्रय गृहों में लगभग 3100 पशु हैं। अव्यवस्था और कर्मचारियों की लापरवाही से अक्सर पशु आश्रय स्थलों में गो वंश की घटनाएं होती रहती हैं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने गो शालाओं में रखे गए गो वंश को किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को गोद देने की योजना बनाई है। कागजी औपचारिकता पूरा करने के बाद एक व्यक्ति को चार गो वंश दिए जाएंगे। इसके एवज में सरकार गोद लेने वाले किसान को प्रति पशु 30 रुपये रोज यानि 900 रुपये हर महीने देगी। चार पशुओं को गो लेने वाले पशुपालकों को 3600 रुपये हर माह खाते में भेजे जाएंगे। गोद लेने वाला किसान गो वंश को न बेच सकेगा और न ही छुट्टा छोड़ेगा।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि गांव में होने वाली खुली बैठकों में गो वंश को गोद लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड में सूचना दर्ज कराने के साथ ही गोष्ठियों, पशु बाजारों आदि में लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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पहले परखेंगे फिर देंगे गो वंश
गोवंश गोद लेने वाले किसान व पशुपालक का संबंधित गोशाला क्षेत्र के ब्लॉक के गांव का स्थायी निवासी होना जरूरी है। पहले से गोवंश पालने का अनुभव रखने वाले और दुग्ध समितियों से जुड़े किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह भी देखा जाएगा की गोद लेने वाले किसान के पास गोवंश रखने के लिए पर्याप्त स्थान है अथवा नहीं। इसके बाद निर्धारित प्रारूप में प्रपत्र भरवाकर गोवंश गोद दिए जाएंगे। किसानों अथवा पशुपालकों की फोटो, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र व बैंक पासबुक की छाया प्रति, परिवार रजिस्टर के अनुसार परिवार के सदस्यों के विवरण सहित अन्य जानकारी देनी होगी। गोद लिए गोवंश की मौत होने पर प्रधान की उपस्थित में पंचनामा करने के बाद दफन किया जाएगा।
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