प्रेमिका के घर वालों ने पहले युवती को मानसिक रूप से तैयार किया। जब वह मान गई, तो उसने रात में प्रेमी को फोन करके घर पर बुलाया। प्रेमी पहुंचा तो अंदर कमरे में बैठाई। उसे पानी लाकर दी। अभी वह पानी पी ही रहा था कि प्रेमिका की मां कमरे में आई, फिर उसका पिता व भाई पहुंच गए। कमरा बंद कर दिया गया। प्रेमिका के भाई ने प्रेमी को पटक दिया। प्रेमिका प्रेमी के सीने पर बैठ गई। राॅड से उसके भाई ने सिर पर वार किया। इसके बाद डंडे से पीट-पीट कर मार डाला गया।
पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, करीब 25 मिनट तक प्रेमी को बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद घर में चारपाई के नीचे रखे बोरे में शव को भर दिया गया। शव को भूसे में लेकर जाकर छिपा दिया गया।
श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल प्रेमिका, उसकी मां, पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हत्यारों के घर पर ताला लटका है। परिवार जेल की सलाखों के पीछे चला गया। घर पर सिर्फ एक भैंस बची थी, जिसे पुलिस ने गांव के चौकीदार को सौंप दिया है।
प्रेमी की हत्या करने के बाद प्रेमिका ने परिजनों के साथ मिलकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। राॅड पर लगे खून के निशान को पानी से धोया था। फर्श पर जो भी निशान थे उसे मिटा दिया गया था। कहीं-कहीं फर्श तोड़कर भी साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने इन बातों को कबूल किया है।
सोमवार सुबह सात बजे से ही एक राजगीर मिस्त्री और दो मजदूर घर का फर्श बनाने में लगे थे। इसके अलावा प्रेमिका ने अपना मोबाइल जला दिया था। घर में मिली राख को जब पुलिस ने तलाशा तो उसमें जले हुए प्लास्टिक के टुकड़े मिले, जो मोबाइल के थे।
हत्यारोपी जेल जा चुके हैं, लेकिन उनके घर पर पुलिस का पहरा है। गांव में पुलिस गश्त कर रही है। प्रेमी की मौत पर गांव के लोगों में गम के साथ गुस्सा भी है।
पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए
युवक के घर शोक संवेदना व्यक्त करने विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय पहुंचे। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।