‘निराश्रित बच्चों को बाल सेवा योजना से कराएं लाभान्वित’
महराजगंज। निराश्रित बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से उन्हें लाभान्वित कराकर योजना की सार्थकता को सिद्ध किया जा सकता है। विभागीय अधिकारी बच्चों की शिक्षा एवं भरण-पोषण के लिए सार्थक कदम उठाएं।
ये बातें शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की समीक्षा करते हुए उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने कही। उन्होंने कहा कि निराश्रित बच्चों को 4000 रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जानी है। प्रोबेशन, श्रम व शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को योजना को अमली जामा पहनाने के लिए कमर कस लेनी चाहिए। यदि बच्चों के जीवित अभिभावक का कहीं रोजगार में समायोजन हो तो उसे जरूर कराएं। उन्होंने निराश्रित बच्चों को आवास, कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित पेंशन प पारिवारिक लाभ योजना से लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम मोहम्मद जसीम, सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, बीएसए ओमप्रकाश यादव, डीपीओ शैलेंद्र राय, श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी, बाल कल्याण समिति के विनोद तिवारी, श्याम सिंह आदि मौजूद रहे।
जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया
उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने नगर पालिका की ओर से संचालित रैन बसेरा व जिला चिकित्सालय के पीकू वार्ड का निरीक्षण किया। टीकाकरण के लिए जिला अस्पताल में भीड़ को देखकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टीकाकरण के लिए दो अन्य वार्ड बनाएं।
‘बाल सेवा योजना की बढ़ाएं रफ्तार’
आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी बेहतर समन्वय से बाल सेवा योजना की रफ्तार बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि चिह्नित व प्रमाणपत्र से लाभान्वित बच्चों की संख्या के आंकड़ों का मेल न खाना चिंताजनक हैं। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को अन्य जिम्मेदारों से बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए इसकी रफ्तार बढ़ाने को कहा।