सामान्य रोगी भी जिला अस्पताल हो रहे रेफर
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महराजगंज। जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरीज रेफर केंद्र हो गए है। यहां आने वाले ज्यादातर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दायित्व की इतिश्री कर दी जाती है। इससे जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। गंभीर मरीजों के अलावा बुखार, डायरिया से पीड़ित मरीज भी जिला अस्पताल रेफर कर दिए जाते हैं।
जिले में 14 सामुदायिक, 12 प्राथमिक और 32 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अलावा जिला अस्पताल है। जिले में सभी पीएचसी, सीएचसी में 175 के सापेक्ष 126 डॉक्टर की तैनाती है। वहीं जिला अस्पताल में 36 डॉक्टरों के सापेक्ष 20 डॉक्टर तैनात हैं। इस बीच पनियरा पीएचसी से एक माह में 65 मरीज जिला अस्पताल रेफर हुए। निचलौल सीएचसी से 40 मरीज रेफर हुए हैं। वहीं धानी सीएचसी से 25 मरीज एक माह में रेफर हुए हैं। लक्ष्मीपुर सीएचसी से 36 मरीज रेफर हुए हैं। चौक बाजार पीएचसी से 47 मरीज रेफर हुए हैं। जिला अस्पताल में एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। बीते 9 जुलाई को जिला अस्पताल में 670 मरीज आए। 10 जुलाई को 690 मरीज, 11 को 697 मरीज, 12 को 701 मरीज, 13 को 714 मरीज, 14 को 730, 15 जुुलाई को 739 मरीज और 16 जुलाई को 740 मरीज इलाज कराने आए। ठूठीबारी कस्बा निवासी प्रदीप वर्मा कहते हैं कि एक सप्ताह से बुखार हुआ था तो निचलौल सीएचसी इलाज कराने गए। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। कमासिन बुजुर्ग निवासी हरिकेश विश्वकर्मा ने बताया कि उल्टी-दस्त हो रही थी। पनियरा पीएचसी गए तो डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां दो दिन भर्ती रहने के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर घर पहुंचे। एसीएमओ डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था है। गंभीर हालत में ही मरीज रेफर किये जाते हैं।