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Maharajganj News: तीन गांवों में घुसा गंडक का पानी, घरों से निकाले जा रहे ग्रामीण

Sun, 27 Sep 2026 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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- 3.04 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज से सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा में बिगड़े हालात, एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
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निचलौल। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से पानी का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ गया। शनिवार शाम तीन बजे तक 3.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से निचलौल तहसील के टापू क्षेत्र में बसे सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। कई घरों तक पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया। एसडीआरएफ की टीम ग्रामीणों के साथ मवेशियों को भी सुरक्षित जगह पहुंचाने में लगी है।
बुधवार आधी रात से नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार शाम पांच बजे गंडक बैराज से 1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार सुबह छह बजे यह बढ़कर 2.67 लाख क्यूसेक और दोपहर तीन बजे तक 3.04 लाख क्यूसेक हो गया। पानी की बढ़ती मात्रा के साथ दियारा क्षेत्र में हालात तेजी से बदल गए।
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एसडीआरएफ ने संभाला रेस्क्यू अभियान

बाढ़ प्रभावित गांवों में एसडीआरएफ की टीम लगातार अभियान चला रही है। घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। कई परिवारों को निकालकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है। मवेशियों को भी सुरक्षित ठिकानों तक ले जाया जा रहा है। शिकारपुर के प्रधान लल्लन यादव ने बताया कि प्रशासन की गाड़ी गांव तक पहुंचते समय रास्ते में फंस गई थी। जानकारी मिलने पर ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे और अधिकारियों को गांव तक पहुंचाया। घरों में पानी आने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने भोजन और पेयजल की परेशानी खड़ी हो गई थी।
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बदहाल आश्रय केंद्रों ने बढ़ाई परेशानी

दियारा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावितों को ठहराने के लिए पहले बनाए गए आश्रय केंद्रों की हालत खराब बताई जा रही है। ऐसे में लोगों के सामने सुरक्षित ठिकाने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार फिलहाल अस्पताल प्रमुख सुरक्षित स्थानों में शामिल है। अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं, इसलिए घरों में पानी भरने के बाद मवेशियों को बचाना भी बड़ी चुनौती बन गया है।


नारायणी किनारे के गांवों में भी सतर्कता

गंडक बैराज से बढ़े पानी का असर नारायणी नदी के तटवर्ती इलाकों में भी दिखने लगा है। तहसील प्रशासन की टीम ने तेलफाल और भेड़िहारी के पास निरीक्षण किया। ग्राम प्रधानों और लेखपालों से गांवों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। भेड़िहारी, चंदा, गुलरभर, डोमा, कन्मीशवा, गेड़हवा और बढ़या समेत कई गांवों में तीन दिनों की बारिश से जलभराव है। शनिवार शाम तक इन गांवों में नदी का पानी नहीं पहुंचा था, लेकिन जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने प्रधानों और लेखपालों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
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राजस्व विभाग की टीम के साथ तहसीलदार अमित कुमार सिंह, नायब तहसीलदार पीयूष जायसवाल समेत अन्य कर्मचारी प्रभावित गांवों में पहुंचे। पंचायत भवन में लोगों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था करा दी गई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रहा है। - अवनीश त्रिपाठी, एसडीएम, निचलौल
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