महराजगंज। शहर में घरेलू नक्शा बनवाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार खामोश हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 81 आवासीय तो 53 कामर्शियल नक्शे पास हुए हैं, जबकि इससे अधिक दुकान, अस्पताल, स्कूल संचालित हो रहे हैं।
शहर में करीब 18000 मकान होंगे। अधिकतर मकानों का उपयोग कामर्शियल में किया जा रहा है। शनिवार को शहर के अगल-अलग हिस्सों में पड़ताल के दौरान खामियों की पोल खुलकर सामने आई। पूछताछ में पता चला की व्यावसायिक उपयोग में आने वाली बिल्डिंग का नक्शा घरेलू में पास है। हैरानी की बात है कि यहां पर अस्पताल भी संचालित हो रहा है। नियम की बात करें तो घरेलू पर विकास शुल्क पांच रुपये वर्ग फुट तो कामर्शियल का 10 रुपये वर्ग फुट रेट है।
नियम के विपरीत मकान बनता है तो अलग-अलग जुर्माने का प्राविधान है। काॅलेज रोड से चिऊरहा, फरेंदा रोड, गोरखपुर रोड समेत अन्य स्थानों पर खामियों की पोल खुली। शहर के विस्मिल नगर के राकेश ने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है। शहर का विकास होने के साथ ही नियमों की अनदेखी भी जमकर हुई है। जिम्मेदार इससे बेखबर हैं। चिऊरहा रोड पर कई अस्पताल घरों में खुले हैं। इनका व्यवसायिक उपयोग हो रहा है।
हैरानी की बात है कि लाइसेंस देने के दौरान स्वास्थ्य विभाग इस पर ध्यान नहीं देता है। इस वजह से धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। चौक रोड पर कुछ भवनों में इसी तरह से नियम की अनदेखी की गई है। फरेंदा रोड पर भी कई अस्पताल, दुकान समेत अन्य प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनका भी नक्शा व्यावसायिक नहीं हैं।
घर बनाने के दौरान नियमों का ख्याल रखना जरूरी है। मानचित्र के हिसाब से घर बनना चाहिए। जांच में नियम के विरुद्ध मिलने पर जुर्माने का प्राविधान है। घरेलू मानचित्र पर व्यावसायिक बिल्डिंग बनाना ठीक नहीं है। जिम्मेदारों को नियम का पालन कराना चाहिए।
-अंबिका त्रिपाठी, अधिवक्ता, दीवानी कचहरी
बेसमेंट का उपयोग करने वाले मकान मालिक को नोटिस
महराजगंज। बेसमेंट का उपयोग करने वाले सात मकान मालिकों को विनियमित क्षेत्र की ओर से नोटिस जारी की गई है। फरेंदा रोड पर सात भवनों की जांच विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता चंद्रप्रकाश चौधरी ने की। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी की गई है। इनके नक्शों की जांच की जाएगी। अगर इसमें कोई गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में भी जांच जारी रहेगी। संवाद
शहर में होटलों व अस्पतालों में है बेसमेंट
बेसमेंट की जांच इन दिनों की जा रही है। शहर में कई अस्पतालों में बेसमेंट बना है। होटल में भी बेसमेंट बना है। कुछ तो ऐसे हैं, जिसमें पानी भर जाता है। शहर में फरेंदा रोड पर एक अस्पताल है, इसमें ऊपर कमरे ऐसे बने हैं कि उनमें प्रवेश करने में परेशानी होगी। अगर कोई हादसा हो जाए तो उससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।
शहर में व्यावसासिक उपयोग वाले भवनों की जांच की जाएगी। इसके लिए जल्दी ही अभियान चलाया जाएगा। अगर ऐसा हो रहा है तो नियम के नियम के विपरीत है। गड़बड़ी मिली तो जुर्माना लगाया जाएगा।
-चंद्रप्रकाश चौधरी, अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र