महराजगंज। फॉर्च्यूनर कार बेचने के नाम पर एक व्यक्ति से 16.70 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित धर्मराज मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि सिसवा बाजार के आशिफ अली और उसके परिवार ने धोखाधड़ी से पैसे ऐंठ लिए और कार देने के बजाय फर्जी दस्तावेज थमा दिए। तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। कुशीनगर में रामकोला थाना क्षेत्र के सुथरौली गांव निवासी धर्मराज मिश्रा ने बताया कि महराजगंज के निचलौल निवासी शिवेंद्र पांडेय उनके रिश्तेदार हैं। शिवेंद्र के माध्यम से उनकी मुलाकात आशिफ अली से हुई। आशिफ अली पिता नजीर अहमद सिसवा बाजार के निवासी हैं। 2 जनवरी को आशिफ ने बताया कि वह महिंद्रा फाइनेंस से फॉर्च्यूनर कार का आईडी ले चुके हैं और अगर धर्मराज को कार चाहिए तो संपर्क करें। धर्मराज ने अपने बड़े भाई कृष्णानंद मिश्रा से चर्चा की तो वह भी सहमत हो गए। आशिफ ने पहले एडवांस मांगा और 8 मई 2025 को कृष्णानंद ने उनके खाते में 4.90 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। आशिफ ने टोयोटा कंपनी को पैसे भेजने का बहाना बनाकर फिर रकम मांगी। धर्मराज ने 20 मई को 2, 21 मई को 1.80 लाख और 10 जुलाई को शेष 8 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह कुल 16.70 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
आशिफ ने वादा किया था कि अगर दो दिनों में कार नहीं दी तो 25 लाख रुपये हर्जाने के रूप में लौटाएगा। इस समझौते को 10 रुपये के स्टांप पेपर पर गवाहों की मौजूदगी में लिखा गया। लेकिन कार की डिलीवरी नहीं हुई। आशिफ ने फर्जी दस्तावेज देकर बताया कि कार आ रही है। करीब एक महीने बाद, 23 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 4 बजे, धर्मराज ने आशिफ, उसके पिता नजीर अहमद, मां जरीना और अन्य को पांडेय बिल्डिंग मटेरियल दुकान के पास देखा। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर फिर रास्ते में टोका तो जान से मार देंगे। धर्मराज ने तुरंत कोठीभार थाने में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 3 सितंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक को जनता दर्शन में आवेदन दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर 4 सितंबर को प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने एफआईआर दर्ज की। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी आशिफ अली, जरिना, नजीर अहमद निवासी मीरा नगर, स्टेट चौक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।