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Maharajganj News: पूर्व प्रधान और सेक्रेटरी सहित तीन पर धोखाधड़ी का केस

Mon, 05 Feb 2024 02:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज।
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प्रधानमंत्री आवास के 1.20 लाख रुपये हड़पने और शिकायत पर जान से मारने की धमकी के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के बकुलडिहा गांव के पूर्व प्रधान और पूर्व सेक्रेटरी सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है। क्षेत्राधिकारी निचलौल मामले की जांच कर रहे हैं।
बकुलडीहा गांव की लाला टोला निवासी अनसूचित समुदाय की फूला देवी ने एससीएसटी कोर्ट महराजगंज में वाद दाखिल किया था। वाद के अनुसार उसकी आर्थिक हालात ठीक नहीं है। उसने प्रधानमंत्री आवास के लिए वर्ष 2016-17 में पंजीकरण कराया था। आवास की पहली किस्त में 31 दिसंबर 2018 को 40000, दूसरी सात जनवरी 2019 को 70000 तथा तीसरी 17 जनवरी 2019 को 10000 सहित कुल 1,20,000 रुपये उसके खाते में आये। इसके अगले ही दिन तत्कालीन ग्राम प्रधान बेचू, उसका प्रतिनिधि दीनानाथ और तत्कालीन सेक्रेटरी मुक्तिनाथ गुप्ता निवासी तुर्कहिया उसके घर आए और कहा कि तुम्हारे खाते में मनरेगा की रकम आई है। तीन निकासी का वाउचर भरकर दे दो ताकि रकम निकलवा दें। उसने वाउचर दे दिया, जिससे उन्होंने सारी रकम निकाल ली।
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नाम सूची से बाहर हुआ तब पता चला धोखाधड़ी का
फूला देवी ने बताया कि पीएम आवास की रकम मिलने से अनभिज्ञ उसने वर्ष 2022-23 में भी आवास के लिए पंजीकरण कराया। पर उसका नाम पात्रता सूची से इसलिए निरस्त कर दिया गया, कि उसे वित्तीय वर्ष 2016-17 में ही आवास आवंटित कर पैसों का भुगतान 2018-19 में हो चुका है। इसकी जानकारी होने पर जब रकम की ब्यौरा इंटरनेट से निकाला तो पता चला कि उसके खाते में रुपए आए थे, जिसे प्रधान व सेक्रेटरी ने निकाल लिया था। जिस घर की तस्वीर व फोटाे आनलाइन फार्म में लगाी है। वह भी किसी दूसरे की है। इसकी जानकारी होने पर तत्कालीन ग्राम प्रधान बेचू व सेक्रेटरी मुक्तिनाथ गुप्ता से शिकायत की। जिस पर उन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी।
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पुलिस नहीं सुनी फरियाद तो न्यायालय में लगाई गुहार
पीड़िता फूला देवी के अनुसार, सबसे पहले उसने घटना की सूचना ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन पुलिस उनकी फरियाद नहीं सुनी। उसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुहार लगाई। वहां से भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधान, उसके प्रतिनिधि और तत्कालीन सेक्रेटरी के खिलाफ केस दर्ज किया।
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