स्कूलों में खेलकूद को मिले पौने चार करोड़
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महराजगंज। परिषदीय स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए इनडोर गेम होंगे। स्कूलों में खेल सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रकम भेजी जा रही है। इसके लिए शासन स्तर से जिले को तीन करोड़ 73 लाख 80 हजार रुपये मिले हैं। यह रकम खेल सामग्री खरीदने में व्यय की जाएगी।
जिले को मिले रकम में से प्राइमरी स्कूलों को पांच-पांच हजार रुपये और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों दस-दस हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इन विद्यालयों के खेल शिक्षक बच्चों को प्रशिक्षित करेंगे। स्कूलों को रकम भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं, वहां ग्राम पंचायतों की खाली भूमि बच्चों को खेलने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना इकाई के निदेशक की ओर से इस संबंध में बीएसए को पत्र लिखकर जरूरी दिशानिर्देश दिए गए हैं। विद्यालय स्तर पर समिति गठित कर 31 मार्च तक खेल सामग्री क्रय करने को कहा गया है। जिन स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं, वहां राजस्व अधिकारियों से संपर्क कर ग्राम पंचायत की खाली भूमि बच्चों को खेलने के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है। निदेशक की तरफ से कहा गया है कि हर सप्ताह हाकी, क्रिकेट, वॉलीबॉल आदि खेलों के प्रशिक्षकों को विद्यालय में बुलवाकर बच्चों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। स्कूल स्तर पर गठित कमेटियां खेल सामग्री क्रय करेंगी। प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी होगी। समिति में ग्राम प्रधान, नगर क्षेत्र में सदस्य, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, सचिव, दो अध्यापक शामिल होंगे। इसके अलावा जिले स्तर पर गठित कमेटी खेल सामग्री की खरीद के प्रस्ताव का अनुमोदन करेगी। जिले में 1478 प्राइमरी और 646 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। इन सभी स्कूलों में रकम भेजी जा रही है। खेल शिक्षक अखिलेश पाठक ने बताया कि शासन के इस प्रयास से स्कूलों में खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी। स्कूलों में खेल सामग्री उपलब्ध हो जाने से बच्चे हर रोज छुट्टी के समय अभ्यास कर सकेंगे। प्रशिक्षक बच्चों को बेहतर ढंग से खेल के बारे में बताएंगे और अभ्यास कराएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने बताया कि स्कूलों में रकम भेजी जा रही है। समितियों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जहां खेल मैदान नहीं है, वहां की सूचना एकत्र की जा रही है। बच्चों में खेल प्रतिभा का विकास करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू हुई है।